बारसी समाज ने धान मील रोड पर जलसे का आयोजन किया। इसमें तकरीर के माध्यम से मुस्लिम समाज को भाईचारे का संदेश दिया गया। कव्वालों ने सूफियाना कलाम पेश किया।
देवा शरीफ सूफी फाउंडेशन के अध्यक्ष सिद्दीक वारसी ने कहा कि देवा शरीफ सभी को मुहब्बत का पैगाम देता है। सभी को मिलजुल कर भाईचारे के साथ रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिसने वारिस ए पाक को अपनाया उसका जीवन सफल हो गया। सभी मुसलमानों के लिए नमाज जरूरी है। नमाज अल्लाह से मिलन का मुफीद जरिया है। देवा शरीफ से आए मुवीन खां, हाफिज अनवर अली खां, मुहम्मद रफीक ने तकरीर दी। कव्वाल असलम फीरोजाबादी ने अपनी कव्वाली पेश करते हुए ‘भरदे झोली मेरी या मुहम्मद दर से न जाऊंगा खाली’, शकील कव्वाल आगरा ‘अली मोला मेरे वारिस मोला मोला’ आदि ने कव्वाली पेश की। इस दौरान असलम वारसी, रफीक वारसी, दुलारे वारसी, रफीक वारसी, आबाद अहमद, सभासद सगीर, सभासद सलीम, मुनीश वारसी, फैजान अहमद, आफाक अहमद, अतीक, मुहम्मद आरिफ, सलीम खां आदि मौजूद रहे।