नगर की गंगा देवी में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन प्रहलाद चरित्र एवं नरसिंह अवतार की लीला का वर्णन किया गया। कथावाचक के भजनों पर श्रोता थिरकते नजर आए।
कथा के आयोजन से पूर्व सुबह के समय हवन यज्ञ का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य यजमान मनेाज गुप्ता, मनीषा गुप्ता व अन्य ने वैदिक मंत्रोच्चारण पर हवन में आहुतियां देकर विश्व शांति की कामना की। कथावाचक मोहन गिरि महाराज ने भक्त प्रहलाद एवं जड़ भरत की कथा का वर्णन करते हुए कहा कि भक्त के वश में भगवान होते हैं। भगवान की प्राप्ति के लिए मोह माया को त्यागना होगा। उन्होंने कहा कि कलियुग में पापियों की संख्या अधिक है। युवाओं में संस्कार क्षीण होते जा रहे हैं। उन्होंने श्रोताओं से कहा कि वह अपने बच्चों, युवाओं को कथा में लाए जिससे उनको अपनी संस्कृति, वेदों, कथाओं का सही ज्ञान हो और उनका कल्याण हो। कथा के दौरान राजीव माहेश्वरी, शरद गुप्ता, बबलू, आकाश दीप वर्मा, प्रभात गुप्ता, उमेश यादव, सुरेश माहेश्वरी, शिवशंकर शर्मा, यश गुप्ता आदि मौजूद रहे।