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सावधान : सबसे ज्यादा संक्रमित हो रहा युवा वर्ग

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लापरवाही: घंटाघर बाजार में बिना मास्क पहुंचे लोग ।संवाद - फोटो : ETAH
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एटा। कोरोना का यह दौर युवा वर्ग के लिए सबसे ज्यादा घातक बना हुआ है। 71 फीसदी मरीज 18 से 45 आयु के इसी वर्ग से हैं। इसके पीछे तर्क यह है कि यह वर्ग ही सबसे ज्यादा घरों से बाहर निकलता है। ऐसे में लोगों को सावधानी बरतनी होगी। इस लहर का सबसे पहला जो मरीज सामने आया था वह भी युवा वर्ग से ही था। वह दिल्ली में किसी काम के सिलसिले से गया था। संभवत: वहीं से संक्रमित हो गया। यहां उस पर कोई आपराधिक मुकदमा दर्ज था। पकड़े जाने पर जेल भेजते समय जांच कराई गई। जिसमें वह संक्रमित पाया गया। तबसे जो सिलसिला शुरू हुआ, वह लगातार बढ़ रहा है।
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रविवार तक जिले में कुल 573 संक्रमण के मामले हो चुके थे। चौंकाने वाली बात थी कि इनमें सबसे ज्यादा 409 मामले 18 से 45 आयु के युवा वर्ग से थे। जो कुल केस का 71.37 फीसदी है। वहीं 17 साल तक के 65 यानी 11.34 फीसदी लोग संक्रमित हुए। जबकि 45 वर्ष से अधिक उम्र वाले 99 यानी 17.27 फीसदी लोगों को कोरोना हुआ। कोविड के नोडल अधिकारी डॉ. सतीश चंद्र नागर बताते हैं कि संक्रमण के आ रहे मामलों में सबसे अधिक संख्या युवा वर्ग की है। ऐसे में यह कहना सही नहीं है कि बच्चों और बुजुर्गों की तुलना में युवाओं की रोग प्रतिरोधक क्षमता अच्छी होती है और उन पर संक्रमण का खतरा कम है। लोगों से संपर्क में आने के अलावा अन्य कई कारण भी हैं।
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