साइबर गिरोह के अपराधियों को अस्प्ताल में चिकित्सकीय परीक्षण के लिए ले जाती पुलिस ।संवाद
- फोटो : ETAH
एटा। पुलिस ने साइबर अपराधियों का एक गिरोह पकड़ा है। जिसके सात सदस्य गिरफ्तार किए गए हैं। ये लोग जाली आधार कार्ड से मोबाइल सिम कार्ड निकलवाकर लोगों से साइबर ठगी करते थे। कोतवाली नगर पुलिस व अभिसूचना (इंटेलीजेंस) इकाई की टीम ने इस गिरोह का भांडाफोड़ किया है। तीन आरोपियों को राजस्थान के भरतपुर से पकड़ा गया है।
अपर पुलिस अधीक्षक धनंजय सिंह कुशवाहा ने सोमवार को पुलिस लाइन में पत्रकारों को बताया कि कोतवाली नगर में रविवार को एक रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें कोतवाली नगर के भगीपुर निवासी विपिन धोखाधड़ी कर जाली आधार कार्ड बनाकर अवैध रूप से सिम कार्ड बेचे जा रहे हैं। इसी को लेकर कोतवाली नगर की पुलिस सहित अभिसूचना इकाई को सक्रिय किया गया। पुलिस ने विपिन को हिरासत में लिया है। पूछताछ के दौरान उसने बताया कि वीआई कंपनी के सिम को बेचने का कार्य करता है।
गांव-गांव कैंप लगाकर सिम बेचता है। इस दौरान सिम खरीदने वाले का दो तीन बार फोटो खींच लेता है। वहीं आधार कार्ड पर फोटो बदलकर सिम सक्रिय कर लेता है। उसने बताया कि वह राजस्थान के लोगों को सिम बेचने का कार्य करता है। वह लोग ओएलएक्स, फेसबुक व धनी वन एप में इसका प्रयोग कर लोगों से ठगी करते हैं। इसी के आधार पर पुलिस ने राजस्थान के भरतपुर जनपद के थाना जुरैहरा निवासी अजरुद्दीन, उगनान और खालिद को गिरफ्तार कर लिया। वहीं पुलिस ने मैनपुरी जनपद के कुरावली थाना क्षेत्र के गांव कल्याणपुर पथरउआ निवासी केंद्र सिंह सहित तीन अन्य को गिरफ्तार किया गया है।