जनपद में 20 साल का सफर तय करने के बाद भी अग्निशमन विभाग के हालात नहीं बदले हैं। विभाग के पास न तो पर्याप्त गाड़ियां हैं और न ही अन्य इंतजाम। विभाग स्टाफ की कमी से जूझ रहा है। कर्मियों के पास रहने को आवास तक नहीं हैं।
कासगंज में वर्ष 1986 में अग्रिशमन विभाग को मंजूरी मिली लेकिन विभाग के पास अपना कोई भवन न होने के कारण बारह पत्थर मैदान के निकट स्वास्थ्य विभाग के भवन में इसकी स्थापना कर दी गई। विभाग संसाधनों की कमी से जूझ रहा है। 20 साल का सफर तय कराने के बाद भी विभाग के हालातों में कोई सुधार नहीं हुआ है। तीन तहसीलों में से कासगंज और पटियाली तहसील में ही फायर स्टेशन स्थापित हैं। सहावर क्षेत्र आज भी फायर स्टेशन से अछूता है। दोनों स्टेशनों पर स्टाफ की काफी कमी है। विभाग के भवन काफी जर्जर हालत में हैं। कर्मियों के आवास की स्थिति भी खराब है।
अधिक घटनाएं होने पर होती है दिक्कत
कासगंज। जब जनपद में आग की एक साथ कई घटनाएं होती हैं तो विभाग को काफी दिक्कत हो जाती है। बाहर से गाड़ियां मंगा कर काम चलाया जाता है, जिससे देर हो जाने पर काफी नुकसान हो जाता है। जन हानि तक हो जाती है।
यह हैं व्यवस्थाएं
कासगंज पटियाली
बड़ी गाडिय़ा 2 1
प्रेशर गाड़ी 1 0
पंप सेट 3 1
स्टाफ की स्थिति कासगंज पटियाली
उपनिरीक्षक 0 1
सिपाही 7 3
फायर मैन 1 1
विभाग के पास अपना भवन न होने से काफी परेशानी रहती हैं। कर्मियों को रहने तक की समस्या है। मैस व्यवस्था न होने से कर्मी खाने के लिए परेशान रहते हैं।
-एसके दौहरे, स्टेशन प्रभारी कासगंज