एआरएम पर जानलेवा हमले के बाद रोडवेज कर्मचारियों में दहशत का माहौल है। भले की हमलावरों ने कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया हो, लेकिन रोडवेज कर्मचारी पुलिस ओर यातायात कर्मियों की मौजूदगी में अपने निजी गनर और रायफलधारी के साए में रोडवेज बसों का संचालन करा रहे हैं। यही कारण है कि बस अड्डा परिसर के पास अब डग्गामार वाहन दिखाई नहीं दे रहे है और जाम नहीं लगने से हाईवे-91 पर यातायात अपनी रफ्तार से दौड़ रहा है।
बता दें कि नौ अप्रैल को डग्गामार वाहन को सवारी भरने से रोकने पर एसआरएम संजीव यादव पर चार लोगों ने हमला कर मारपीट करते हुए न सिर्फ कपड़े फाड़े और मोबाइल छीना, बल्कि विरोध पर रिवाल्वर तान कर गुंडई का सबूत दिया था। मामले के बाद रोडवेज में तैनात कर्मचारियों में दहशत का माहौल है। आलम यह है कि एआरएम को गनर मिलने के अलावा रोडवेज बसअड्डे के आसपास पुलिस और यातायात कर्मियों का जमावड़ा होने के बाद भी कर्मचारी अपने निजी गनर और राफलधारी के साए में रोडवेज बसों का संचालन करा रहे हैं। यही नहीं पुलिस बल अलीगंज तिराहे, शिकोहाबाद रोड, सकीट रोड पर तैनात होकर डग्गामार वाहनों पर नजर बनाए हुए है। दूसरी ओर बवाल होने के बाद भी संभागीय परिवहन विभाग ने अभी तक डीएम कार्यालय में डग्गामार वाहनों, परमिट वाहनों और परमिट नेचर के कागजात उपलब्ध नहीं कराए हैं। इसके चलते पुलिस और प्रशासन को डग्गामार वाहनों के खिलाफ कार्रवाई के लिए इंतजार करना पड़ रहा है।