अगिभनशमन विभाग के दो फायर टेंडर ही हैं। इनमें भी सिर्फ इतना पानी स्टोर रहता है, जो आग लगने पर सिर्फ 20 मिनट तक ही आग बुझा सकते हैं। इसके बाद पानी की व्यवस्था टयूबवेल, नहर या तालाब से करनी होगी। ऐसे में यदि खेत खलिहान, झोपड़ी, छप्पर, बुर्जी, व्यवसायिक प्रतिष्ठानों में लगी आग यदि 20 मिनट में न बुझी, तो तबाही पक्की है।
अग्निशमन विभाग के पास 5000 लीटर और 2500 लीटर पानी के दो फायर टेंडर हैं। बड़े फायर टेंडर से एक पाइप से आग बुझाई गई तो पानी 25 मिनट और यदि उसी फायर टेंडर में दो पाइप लगा कर यानी पूरी ताकत से आग बुझाई गई तो पानी सिर्फ बीस मिनट चलेगा। कमोवेश पानी का यही हाल 2500 लीटर वाले फायर टेंडर का है। दोनाें फायर टेंडर से पानी अधिकतम 150 मीटर दूर तक पहुंचाया जा सकता है। इसके बाद पानी की व्यवस्था करनी पड़ेगी। विभाग के पास दो बोलेरो भी कैंपर हैं। दोनो कैंपर घटनास्थल से अधिकतम 150 मीटर दूर नहर, तालाब, टयूबवेल से पानी प्रेशर से घटनास्थल तक खींच सकते हैं। ऐसे में साफ है कि आग लगने की जिले में बड़ी घटना हुई तो अग्निशमन विभाग के पास इतने इंतजाम नहीं है कि आधा घंटे भी पानी से आग बुझा पाए।
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ऐसे करें आग से बचने के उपाय
1. खेत खलिहान के आसपास बीड़ी सिगरेट, हुक्का पीने से बचें।
2. बीड़ी, सिगरेट कुचल कर फेंके और हुक्के की आग बुझा दें।
3. खलिहान, नहर, तालाब, टयूबवेल के आसपास ही लगाएें।
4. बिजली के तार और ट्रांसफार्मर के पास खलिहान न लगाएं।
5. सड़क या रेलवे लाइन के किनारे खलिहान लगाने से बचें।
6. उपलों की बुर्जी घर या झोपड़ी से 100 मीटर दूर बनाएं।
7. खलिहान, फूस घर रेल लाइन से 100 मीटर दूर बनाएं
8. कोशिश करें कि झोपड़ी फूस की बनाने से बचें।
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