पॉलिथीन प्रयोग पर शासन की रोक का जिले में खास असर नहीं दिख रहा। चंद दुकानों को छोड़कर धड़ल्ले से इसका प्रयोग किया जा रहा है। हथठेल, सब्जी विक्रेता खुलेआम इसका प्रयोग कर रहे हैं। सरकार की ओर से पॉलिथीन पर रोक लगाने के लिए नामित किए विभाग भी प्रभावी अभियान नहीं चला रहे।
सरकार ने 21 जनवरी से पॉलिथीन पर रोक की अधिसूचना जारी की। आदेश के अनुपालन की जिम्मेदारी आठ विभागों को सौंपी गई है। इनमें क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, नगर पालिका, आपूर्ति, खाद्य, विपणन, स्वास्थ्य और श्रम विभाग को दी गई है। लेकिन अधिसूचना लागू होने के बाद भी कोई अभियान नहीं चला है। पहले ही दिन फजीहत होने के बाद प्रशासन की पहल पर नगर पालिका के कर्मचारियों ने थोड़ी बहुत कार्रवाई की थी, लेकिन इसके बाद से कोई अभियान नहीं चला है। शासनादेश जारी होने के बाद भले ही कुछ दुकानदारों, ठेलीवालों ने खुद ही पालिथीन को हटाना शुरू कर दिया है। मगर, अफसरों की सुस्ती के चलते अभी भी काफी स्थानों पर इसकी बिक्री जारी है।
पॉलिथीन पर रोक लगाने की जिम्मेदारी आठ विभागों को देने के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का कार्यालय अलीगढ़ में है और विभाग के पास पर्याप्त स्टाफ भी नहीं है।