स्कूली बच्चों की विज्ञान प्रतिभा को निखारने की शनिवार को गणेश इंटर कालेज में राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस की शिक्षक दिशा निर्देशन कार्यशाला हुई। पर, इसमें विज्ञान शिक्षकों ने खूब लापरवाही दिखाई। जनपदस्तरीय इस कार्यक्रम में कुल 218 स्कूलों के विज्ञान शिक्षकों को बुलाया गया था, लेकिन सिर्फ 16 स्कूल के ही शिक्षक आए थे। डीआईओएस ने गैरहाजिर रहे शिक्षकों के वेतन रोकने एवं कार्रवाई के लिए बीएसए को पत्र भेजा है।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा संचालित राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस की जनपदीय शिक्षक दिशा निर्देशन कार्यशाला का शुभांरभ जिला विद्यालय निरीक्षक आरएस सिंह राजपूत एवं जिला समन्वयक विज्ञान क्लब जयंत गुप्ता ने दीप प्रज्जवलित कर किया। विज्ञान शिक्षकों को राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस के मुख्य विषय और उसके सात उपविषय की जानकारी दी गई। जिला समन्वयक जंयत गुप्ता ने बताया कि मौजूदा समय विज्ञान का युग है। ऐसे में बच्चों में वैज्ञानिक सोच को जागृत करना अहम है। इसमें सबसे अहम जिम्मेदारी विज्ञान शिक्षकों की है। सह समन्वयक अभिषेक पांडेय, नोडल समन्वयक डा. अल्लानूर खां, हरि किशोर मिश्र, अजय माहेश्वरी, अमित शर्मा ने शिक्षकों को प्रशिक्षित किया। इस मौके पर दीपराज, सरोज कुमारी, सीडी उपाध्याय, राजेंद्र प्रसाद, मोहित कुमार, अनिल कुमार, रमेश शर्मा, अजय सागर, ब्रजमानु कुमार, संजय कुमार कश्यप आदि मौजूद रहे।