एटा। एआरएम महाकुंभ में ड्यूटी करते रहे और उनके नाम से शिकायतों का निस्तारण कर आख्या आईजीआरएस पर अपलोड भी हो गईं। हस्ताक्षर भी किसी अधिकारी ने नहीं, लिपिक स्तर के कर्मचारियों ने अपने नाम से ही कर दिए। एआरएम की अनुपस्थिति में खुद ही अधिकारी बन बैठे।
प्रयागराज महाकुंभ में एआरएम नरेश चंद्र गुप्ता की ड्यूटी लगाई गई थी। कुंभ के शुरूआत से ही वह चले गए थे और वर्तमान में वहीं उनकी ड्यूटी चल रही है। इस बीच सामान्य रूप से शिकायतें आईं और उनका निस्तारण होता रहा। गंभीर बात यह है कि एआरएम के हस्ताक्षर वाले स्थान पर कर्मचारी अपने हस्ताक्षर करते रहे।
शहर के एक व्यक्ति ने भी एक शिकायत 31 जनवरी को आईजीआरएस पर की थी। बताया कि बस स्टैंडों पर किन्नर घूमते रहते हैं जो बसों में घुस आते हैं और सवारियों से वसूली करते हैं। एक यात्रा के दौरान उनके साथ भी ऐसा हुआ। रुपये न देने पर उन्हें किन्नरों ने अपमानित किया। मामले की जांच कर इस तरह की प्रथा पर रोक लगाने की मांग शिकायतकर्ता ने की। शिकायत जब एटा डिपो में पहुंची तो सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक के पदनाम से 11 फरवरी को निस्तारण आख्या अपलोड की गई। इसमें एआरएम ने डिपो के सभी चालक-परिचालकों को आदेशित कर दिया कि किसी भी बस स्टेशन पर किन्नरों को किसी दशा में न चढ़ने दें। शिकायत मिलती है तो संबंधित चालक-परिचालक के विरुद्ध कठोर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। एटा कार्यालय से ये पत्र बना और एक कर्मचारी ने हस्ताक्षर कर दिए।