एटा। बस स्टैंड के सामने से लगातार डग्गामार व निजी वाहन सवारियां भर कर ले जाते हैं। इसके कारण परिवहन निगम को राजस्व की हानि उठानी पड़ रही है। बुधवार को एआरएम सड़क पर उतरे और डग्गामार वाहनों को पकड़ना शुरू किया। यह देख चालकों में अफरा-तफरी मच गई और वाहन लेकर भागने लगे। एआरएम ने 5 वाहनों को पकड़कर रोडवेज वर्कशॉप में खड़ा करा लिया।
सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक नरेश कुमार गुप्ता ने बताया कि कई बार सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी और यातायात प्रभारी से कहा कि डग्गामार वाहनों पर कार्रवाई करें। उनकी ओर से कोई कार्रवाई न करने पर बुधवार को खुद सड़क पर उतरना पड़ा। बताया कि स्टैंड के सामने से प्रतिदिन काफी संख्या में ईको कार, रोडवेज के रंग से मिलती-जुलती निजी व डग्गामार बसों के चालक सवारियोें को बैठाकर ले जाते हैं। इनके चालक-परिचालक यात्रियों से किराया भी अधिक वसूलते हैं और उनकी जान भी जोखिम में डालते हैं।
एआरएम ने बताया कि सबसे बड़ी दिक्कत है कि इनकी वजह से रोडवेज के राजस्व की हानि हो रही है। इस समस्या के समाधान के लिए कई बार कहने के बाद भी परिवहन विभाग और यातायात प्रभारी ने कोई कदम नहीं उठाया। जैसे ही कार्रवाई शुरू हुई वाहन चालक भी चकरा गए। कई चालक वाहन लेकर भाग गए जबकि 5 वाहनों को पकड़कर रोडवेज वर्कशॉप में खड़ा करा दिया गया। उन्होंने बताया कि त्योहार के समय पर इस प्रकार की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।