जीटी रोड पर कोतवाली नगर के पास उड़ती धूल ।संवाद
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एटा। शहर में जीटी रोड, निधौली रोड और आगरा रोड पर एकसाथ सीवर लाइन डालने का काम किया जा रहा है। तीनों ही स्थानों पर काफी गहरी खोदाई कराई जा रही है। जिससे निकली मिट्टी आसपास डाली जा रही है। गर्मी में मिट्टी सूखकर धूल के रूप में उड़ रही है। एहतियातन इस पर पानी का छिड़काव तक नहीं किया जा रहा है। इसके चलते दोपहर के समय एक्यूआई 200 के पार पहुंच जाता है। जिसमें लोगों का सांस लेना मुश्किल हो रहा है।
निर्माण की शर्तों के मुताबिक कार्यस्थल और आसपास मिट्टी सूखने से पहले ही छिड़काव लगातार होता रहना चाहिए, लेकिन स्थानीय लोगों के मुताबिक दिन में एक बार पानी का एक टैंकर बुलाकर कुछ हिस्सों पर छिड़काव की औपचारिकता कर दी जाती है। जबकि अधिकांश स्थानों पर छिड़काव किया ही नहीं जा रहा।
ये रोग होने की है आशंका
चेस्ट फिजीशियन डॉ. अंकित विनोद मित्तल बताते हैं कि धूल के कणों से कई घातक बीमारियां जन्म लेती हैं। फेफड़ों और सांस संबंधित रोगों के अलावा हृदय और नेत्र व त्वचा संक्रमण की बीमारियां होने की आशंका रहती है। खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों पर भी धूल के कण जमा होने से ये बीमारी का कारण बन सकते हैं।
सबसे अधिक धूल वाला है यह मौसम
पर्यावरणविद ज्ञानेंद्र रावत बताते हैं कि यह मौसम सबसे अधिक धूल वाला है। मार्च से जुलाई तक वातावरण में सबसे ज्यादा सूखापन होता है। धरती की एक मीटर तक की ऊपरी परत सूख जाती है। इससे मिट्टी के कण हवा के साथ उड़ने लगते हैं और धूल का रूप ले लेते हैं। सड़कों पर चलने वाले वाहन से यह समस्या और बढ़ जाती है। जुलाई में बरसात शुरू होने पर धूल स्वत: कम होने लगेगी।