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करोड़ों खर्च के बाद भी नहीं बदली गांवों की सूरत

Sun, 28 Jun 2015 11:21 PM IST
ब्यूरो अमर उजाला, एटा
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केंद्र व प्रदेश सरकार द्वारा गांव की सूरत बदलने के लिए जिले में खर्च किए जा रहे करोड़ों रुपये की धनराशि के बाद भी गांवों की सूरत नहीं बदल रही है। जिला मुख्यालय से सटे कई गांव आज भी रास्ता निकलने के लिए जूझ रहे हैं। बरसात के बाद तो इन गांवों की हालात और खराब हो जाती है। ग्रामीणों का आरोप है कि जन प्रतिनिधि हर चुनाव में रास्ता पक्का करवाने का आश्वासन देकर जाते हैं, इसके बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ है। इसके अलावा गांव में व्याप्त कीचड़ और गंदगी को लेकर ग्रामीण प्रधानों पर कार्य न करने का आरोप लगा रहे हैं। ग्रामीण आने वाले चुनावों का बहिष्कार करने की रणनीति भी बना रहे हैं।
शहर से सटे विकास खंड शीतलपुर के गांव नगला माची में आज भी संपर्क मार्ग कच्चा है। गांव के पुष्पेंद्र ने बताया कि संपर्क मार्ग बनवाने के लिए ग्रामीणों ने कई जनप्रतिनिधियों के चक्कर काटे, इसके बाद भी गांव का संपर्क नहीं बन पाया। रारपट्टी से गांव को जाने वाला एकमात्र रास्ता कच्चा है। बरसात के बाद तो गांव से आना जाना भी मुश्किल हो जाता है। गांव हरि सिंहपुर के मुन्नालाल ने बताया कि उनके गांव में पानी का निकास न होने के चलते हर समय कीचड़ रहती है। कई प्रधान बदल गए, लेकिन समस्या आज भी जस के तस है। उनका कहना है कि प्रधानी का यह कार्यकाल भी पूरा होने वाला है, अब गांव के अगले प्रधान से गांव के विकास की उम्मीद की जा सकती है। इसके अलावा नगला कंचन के सौरभ राजपूत का कहना है कि गांव में हर मौसम में कीचड़ रहती है। लोगों को रास्ता निकलना भी दूभर रहता है। बरसात में तो हालात और खराब हो जाते हैं। रास्ते का पानी लोगों के घरों में घुस जाता है। गांव में व्याप्त कीचड़ की वजह से बीमारियां भी फैल रही हैं। इसके अलावा गोपालपुर, नगला गोकुल, नगला गुलाब में भी यही समस्या लोगों को परेशान कर रही है।
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सांसद का भी हो चुका घेराव
एटा। नगला कंचन के ग्रामीण सांसद का एक बार पीएसी के पास घेराव भी कर चुके हैं। इसके बाद समस्याओं का स्थलीय निरीक्षण करने सांसद खुद गांव में पहुंचे। गांव पहुंच कर सांसद ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि वे जल्द ही गांव की इस समस्या को दूर करने का काम करेंगे, लेकिन कई माह गुजरने के बाद भी समस्या जस की तस बनी हुई है। उक्त सभी गांव के लोगों का कहना है कि यदि आने वाले दिनों में जल्द ही गांव की समस्या नहीं सुधरी तो वे आने वाले चुनावों का बहिष्कार करेंगे।
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गांव की आबादी
गांव                  आबादी             वोटर
नगला माची           2000              400
गोपालपुर              1300              300
हरीसिंहपुर             1100              250
नगला गोकुल          1800             400

क्या कहते हैं अधिकारी
जिन गांवों में मार्ग से संबंधी समस्याएं हैं, उनके लिए संबंधित विभागों को प्रस्ताव तैयार कर अपनी कार्य योजना में शामिल करने के लिए कहा जाएगा। ग्राम पंचायत की ओर से होने वाले विकास कार्यों के लिए प्रधान व सचिवों को प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए जाएंगे।
राधेश्याम, जिला विकास अधिकारी, एटा
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