एटा। शहर के बाद अब अवागढ़ में भी एक मृत व्यक्ति का टीकाकरण किए जाने का संदेश उसके पुत्र के फोन पर आया है। उसने स्वास्थ्यकर्मियों की लापरवाही बताकर जिलाधिकारी से शिकायत की है। साथ ही कार्रवाई के लिए थाना अवागढ़ में तहरीर भी दी है।
मृत लोगों के टीकाकरण किए जाने के एक के बाद एक संदेश से स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही उजागर हो रही है। मंगलवार को कस्बा अवागढ़ के मोहल्ला बोहरान निवासी मनोज वार्ष्णेय के मोबाइल पर उनके दिवंगत पिता जगदीश प्रसाद वार्ष्णेय को कोविड टीका की दूसरी डोज लगाने का संदेश आया।
इसके बाद मनोज वार्ष्णेय ने संदेश भेजने वाले फोन पर संपर्क कर पिता की मृत्यु पांच माह पूर्व होने की बात कही। आरोप है कि उधर से महिला स्वास्थ्यकर्मी ने अभद्रता से बात की। मनोज ने बताया कि पिता को पहली डोज 22 मार्च 2021 को लगी थी। वह अन्य बीमारियों से जूझ रहे थे। 18 सितंबर को उनकी मृत्यु हो गई। मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग से फोन आया और पिता को दूसरी डोज लगवाने के लिए कहा। इस पर बताया कि उनकी मृत्यु हो चुकी है। इसके बावजूद टीकाकरण कराने का फोन पर संदेश आ गया।
इनका कहना है कि स्वास्थ्यकर्मी आंकड़ेबाजी कर रहे हैं और मृत लोगों को टीका लगा दिखाकर संख्या बढ़ा रहे हैं। मनोज ने मामले की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए एक शिकायती पत्र डीएम को दिया है। जबकि एक तहरीर थाना अवागढ़ पुलिस को दी है। बता दें कि शहर के मोहल्ला नई बस्ती निवासी मृतका मालती देवी को भी टीके की दूसरी डोज लगाने का संदेश पुत्र के मोबाइल पर सोमवार को आया था।