शिक्षकों की कमी परिषदीय वार्षिक परीक्षाओं पर भारी पड़ेगी। विभाग पहले से ही शिक्षकों की कमी से जूझ रहा है। अब सैकड़ों शिक्षक-शिक्षिकाओं के बोर्ड परीक्षा ड्यूटी में लगने के कारण कमी और भी बढ़ गई है। बुधवार से शुरू हो रही वार्षिक परीक्षाओं के लिए विभाग ने परीक्षा कार्यक्रम जारी कर दिया है।
आईसीएसई, यूपी बोर्ड, सीबीएसई के बाद अब परिषदीय परीक्षाओं की बारी है। बुधवार से शुरू हो रही प्राथमिक, उच्च प्राथमिक विद्यालयों की परीक्षाएं 19 मार्च तक संचालित होंगी। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी एसएस यादव ने प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों के लिए परीक्षा कार्यक्रम जारी कर अनुपालन के आदेश दिए हैं। ऐसे में प्रधानाध्यापकों के सामने शिक्षकों की कमी समस्या बन रही है। सैकड़ों शिक्षकों के बोर्ड परीक्षा में लगने के चलते स्टाफ की कमी और गहरा रही है। बताते चलें कि 700 से अधिक परिषदीय शिक्षक-शिक्षिकाएं और शिक्षामित्र बोर्ड परीक्षा में लगाए गए हैं। इंटर परीक्षा केंद्रों से इन्हें 23 मार्च के बाद रिलीव किया जाएगा।
दो पालियों में होंगी परीक्षाएं
परिषदीय वार्षिक परीक्षाएं दो पालियों में संचालित होंगी। पहली पाली में कक्षा एक से तीन एवं दूसरी पाली में चार व पांच की कक्षाओं की परीक्षाएं होंगी। वहीं कक्षा छह, सात व आठ के लिए विषयवार संयुक्त परीक्षा कार्यक्रम जारी किया गया है। दो घंटे की परीक्षा में पहली पाली 10.30 से 12.30 व दूसरी पाली 1.30 से 3.30 बजे तक होगी।