कलेक्ट्रेट धरना स्थल पर प्रदर्शन करतीं आशा कार्यकर्ता। संवाद
एटा। सरकारी कर्मचारी का दर्जा और न्यूनतम 18 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय दिए जाने की मांग को लेकर आशा और आशा संगिनी कार्यकर्ताओं का आंदोलन तेज होता जा रहा है। कलेक्ट्रेट धरना स्थल पार्क पर चल रहा धरना शुक्रवार को 20वें दिन भी जारी रहा। कार्यकर्ताओं ने मांगें पूरी नहीं होने पर नाराजगी जताते हुए सरकार और स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ नारेबाजी की।
आपकी आवाज सामाजिक संगठन की प्रदेश अध्यक्ष पुष्पा देवी के नेतृत्व में आशा कार्यकर्ता अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठी हैं। प्रदर्शनकारी महिलाओं का कहना है कि वे लंबे समय से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को आमजन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। गर्भवती महिलाओं की देखभाल बच्चों के स्वास्थ्य और विभिन्न सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं के क्रियान्वयन में भी उनकी अहम जिम्मेदारी रहती है। इसके बावजूद उन्हें उनकी मेहनत के अनुरूप मानदेय और सुविधाएं नहीं मिल रही हैं।
यह भी मांग की कि सरकारी कर्मचारी का दर्जा मिलने तक नियुक्ति की तारीख से न्यूनतम 18 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाए। इसके साथ ही 15वें भारतीय श्रम सम्मेलन के मानकों के आधार पर उनका वेतन निर्धारित किया जाए। कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि मांगों पर सकारात्मक निर्णय होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। राजवती, गुड्डो देवी, शीला देवी, आशा देवी, प्रेमलता, सुनीता, ऊषा देवी, सुहागा, रेनू, सरोज, वीना, ममता समेत तमाम आशा कार्यकर्ता मौजूद रही।