अपर पुलिस अधीक्षक अपराध योगेंद्र सिंह ने मंगलवार को मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया आरोपी ने कुछ माह पूर्व बच्ची को वीडियो दिखाकर गलत काम करने के वीडियो गूगल ड्राइव में सेव कर लिया। गूगल ने इनका संज्ञान लेकर गृहमंत्रालय को शिकायत की। एनसीआरपी पोर्टल के माध्यम से एनसीएमईसी की ओर से बाल यौन शोषण सामग्री से संबंधित नौ साइबर टिपलाइन एटा पुलिस को प्राप्त हुईं।
थाना साइबर क्राइम प्रभारी शंभूनाथ के नेतृत्व में तकनीकी जांच की गई। इसमें इनकी लोकेशन जलेसर क्षेत्र में मिली। जांच के दौरान 21 फोटो और वीडियो मिले, जिन्हें बाल यौन शोषण सामग्री से संबंधित पाया गया।
आईएमईआई नंबर, लॉग-इन, ई-मेल आईडी और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के विश्लेषण के आधार पर पुलिस ने आरोपी की पहचान जलेसर के मोहल्ला बाजार कलां निवासी 42 वर्षीय मुदित गुप्ता के रूप में की। छानबीन के बाद पुलिस ने आरोपी को छह जुलाई को उसके घर से उसे गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से घटना में प्रयोग किए गए दो मोबाइल फोन और घटना के समय पहनी गई दो टी-शर्ट भी बरामद की हैं।
घुंघुरू-घंटी का बड़ा कारोबारी है ओरापी
सीओ साइबर क्राइम नितीश गर्ग ने बताया कि आरोपी मुदित गुप्ता घुंघुरू-घंटी का बड़ा कारोबारी है। तीन भाइयों में दूसरे नंबर का है और अविवाहित है। उसके यहां से देश के साथ-साथ विदेश में भी पीतल के उत्पादों का निर्यात होता है। पूछताछ में बताया कि वह इस प्रकार का कृत्य करने का आदी हो चुका है। वह फोटो-वीडियो देखकर खुद की शारीरिक जरूरतें पूरी करता है। उसका उद्देश्य वीडियो या फोटो के माध्यम से पैसे कमाना नहीं है।
वीपीएन का प्रयोग कर एक्स से डाउनलोड करता था अश्लील फोटो-वीडियो
एएसपी क्राइम ने बताया विवेचना में ऐसे डिजिटल साक्ष्य भी मिले हैं, जिनसे 12 वर्ष से कम आयु की बालिका के साथ लैंगिक हमले के गंभीर तथ्य सामने आए हैं। जांच में यह भी पता चला कि आरोपी मुदित गुप्ता वीपीएन का उपयोग कर सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स से अश्लील वीडियो और न्यूड फोटो डाउनलोड करता था। इसके बाद उन्हें एडिट कर अपने मोबाइल में सुरक्षित रखता था।
आरोपी के मोबाइलों में एक हजार से अधिक वीडियो मिले
प्रारंभिक फोरेंसिक जांच में दोनों मोबाइल फोन में एक हजार से अधिक आपत्तिजनक वीडियो और फोटो मिले हैं। आरोपी विभिन्न संदिग्ध आनलाइन गतिविधियों के लिए लगभग 11 अलग-अलग ई-मेल आईडी का इस्तेमाल करता था। यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपी का किसी अन्य व्यक्ति या संगठित नेटवर्क से संबंध तो नहीं है।