एटा। भारतीय मजदूर संघ के बैनर तले आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिकाएं, आशा व आशा संगिनी बुधवार को बड़ी संख्या में कलेक्ट्रेट पहुंचीं। कार्यकर्ताओं ने अपनी विभिन्न समस्याओं एवं मांगों को लेकर नारेबाजी की और मुख्यमंत्री के नाम 18 सूत्री मांगपत्र जिलाधिकारी को सौंपा।
धरना स्थल पर हुई बैठक में आंगनबाड़ी संघ की जिलाध्यक्ष वीना शर्मा ने कहा कि वर्तमान समय में कर्मचारी व मजदूर महंगाई, बेरोजगारी और बढ़ती सरकारी अपेक्षाओं के बीच अत्यधिक परेशान हैं। सरकार न्यूनतम दैनिक मानदेय को लंबे समय से लागू न किया जाना जमीनी स्तर पर कार्य करने वाली महिलाओं के साथ सीधा अन्याय है। कहा प्रोत्साहन नहीं, नियमित मानदेय चाहिए।
आशा व आशा संगिनी लक्ष्मी गौतम ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के सबसे नजदीकी तंत्र के रूप में वे 24 घंटे उपलब्ध रहती हैं लेकिन उन्हें प्रोत्साहन आधारित भुगतान मिलता है जिससे परिवार चलाना मुश्किल हो गया है। उन्होंने साफ कहा कि उन्हें सरकारी कर्मचारी घोषित कर नियमित मानदेय दिया जाए, जिससे उनके जीवन में आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
मीडिया प्रभारी रिंकी ने कहा कि वर्षों से नियमितीकरण व मानदेय वृद्धि की मांग कर रही हैं। कार्यकर्ताओं ने कहा कि वे बच्चों को पोषण, टीकाकरण, गर्भवती महिलाओं की देखभाल और समुदाय से जुड़ी अनेक सेवाएं प्रदान करती हैं, लेकिन उन्हें न तो सामाजिक सुरक्षा मिलती है और न ही स्थायी नौकरी का दर्जा। कहा कि सरकारी कर्मचारी का दर्जा, पेंशन, बीमा एवं अन्य सुविधाएं मिलनी चाहिए, ताकि वे सुरक्षित माहौल में अपना काम कर सकें।
धरना स्थल पर मौजूद पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार जल्द उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लेती है तो आंदोलन और उग्र रूप लेगा। कार्यकर्ता जिला स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक बड़ा आंदोलन करेंगे। सोबरन सिंह, मोना शर्मा, अलका, माधुरी पांडेय, मीरा यादव, शीलरतन शाक्य, सर्वेश कुमार, अनीता सहित अनेका कार्यकर्ता व पदाधिकारी मौजूद रहे।