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...और छलक उठीं हर किसी की आंखें

Thu, 18 Dec 2014 12:24 AM IST
ब्यूरो अमर उजाला एटा
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पाकिस्तान के पेशावर स्थित सैनिक स्कूल में आतंकी हमले में मारे गए 132 मासूमों का दु:ख जनपद में भी दिखाई दिया। विद्यालयों में शोक सभाओं का आयोजन किया गया। इस दौरान हर किसी की आंखें नम हो गई।
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विभिन्न मुद्दों पर पाकिस्तान से अलग राय रखने के बाद भी जनपदीय जनमानस पेशावर में स्कूली बच्चों की हत्या पर पाकिस्तान के साथ खड़ा दिखाई दिया। टीवी की खबर से स्तब्ध रहे अभिभावक  घटना की तस्वीरों से सिहर उठे। बिलखते अभिभावकों को देखकर कुछ तो अपने आंसू नहीं रोक सके। घरों का माहौल बदल गया। बुधवार सुबह को भी इसी की चर्चाएं रहीं। शिक्षण संस्थाओं में शोक सभाओं का आयोजन किया गया।


जलेसर में भाजपा नेता एवं पूर्व एमएलसी प्रत्येंद्रपाल सिंह ने कहा कि विश्व में आतंकवाद का सफाया होना चाहिए। भाकियू (भानु) के राष्ट्रीय अध्यक्ष भानुप्रताप सिंह ने कहा कि आतंकवादियों के खात्मे के लिए पाकिस्तान को अब पूरी ताकत झोंकनी होगी। अकबर खान ने कहा कि दहशतगर्दों का न ईमान और न ही धर्म। इनका हर हाल में खात्मा होना चाहिए तभी विश्व में शांति एवं सौहार्द कायम हो सकेगा। अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष जयशंकर गौड़ ने कहा कि आतंकवादियों को किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ा जाना चाहिए।
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उधर, अलीगंज में भी लोगों ने इस हमले की निंदा की है। भाजपा बृजप्रांत श्रम प्रकोष्ठ के संयोजक मेघसिंह शाक्य ने कहा कि पाकिस्तान को अब सबक लेना चाहिए कि आतंकवादी किसी के सगे नहीं हैं। नगरपालिका अध्यक्ष के प्रतिनिधि जुनेद मियां ने कहा कि बेकसूर बच्चों की हत्या की जितनी भी निंदा की जाए उतनी कम है। नूर हसन ने कहा कि पाकिस्तान सरकार को चाहिए जिन आतंकवादी संगठन ने इतना बढ़ा दुस्साहस किया है उसे करारा जवाब दे।
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