कासगंज में खोजपुर माइनर में कटान के कारण सैकड़ों बीघा फसलें जलमग्न हो गई हैं। फसलों के प्रभावित होने के बाद भी सिंचाई विभाग ने माइनर का पानी नहीं रोका है। विभागीय लापरवाही को लेकर ग्रामीणों में जबरदस्त आक्रोश है। आक्रोशित ग्रामीणों ने सिंचाई विभाग पर माइनर की सफाई न कराने का आरोप लगाया है और डीएम से मामले की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
गौरतलब हो कि खोजपुर माइनर गोरहा नहर से खितोली मोड़ से नगरिया तक 11 किलोमीटर के क्षेत्र में निकलता है। मंगलवार की रात्रि को माइनर नगला नाहर पर कट गया। जिसके कारण माइनर का पानी सैकड़ों बीघा खेतों में भर गया। खेत में गेहूं, जो सरसों आलू आदि की फसलें लगी है। पानी भर जाने के कारण फसलें बर्बाद हो गई। किसानों को माइनर कटने की जब जानकारी हुई तो वे पानी की रोकथाम में जुटे गए। लेकिन माइनर में पानी की निकासी बंद न होने के कारण किसान पानी रोकने में कामयाब नहीं हो पाए। माइनर के ओवरफ्लो होने पर किसानों ने इसकी सूचना सिंचाई विभाग को दी थी। लेकिन सिंचाई विभाग ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। परिणामस्वरूप किसानों की सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न हो गई। भाजपा के बृज क्षेत्र किसान मोर्चा के सह प्रभारी रामनरेश ने कहा कि माइनर की सफाई एवं ओवरफ्लो होने की शिकायत चार दिन पूर्व डीएम से की गई। फोन पर भी सूचनाएं दी गई लेकिन कोई हल नहीं निकला। सिंचाई विभाग ने सफाई के नाम पर धन हड़प लिया और सफाई नहीं कराई गई।
जलभराव से प्रभावित हुए किसान पुष्पा देवी, भजनलाल मिश्रा, सुरेश सिंह सोलंकी, वीरपाल, गज्जू सिंह, वेदराम, धर्मवीर सिंह, गिरिराज सिंह, शिशुपाल, जयपाल ने सिंचाई विभाग की लापरवाही पर आक्रोश जताते हुए जिला प्रशासन से मुआवजे की मांग उठाई।
एसडीएम ने किया निरीक्षण
सहावर एसडीएम चंद्रभानु ने किसानों की सूचना पर दोपहर के समय खोजपुर माइनर पर पहुंचकर निरीक्षण किया। उन्होंने सिंचाई विभाग को सूचना देते हुए तत्काल कटान रोकने के निर्देश दिए। सिंचाई विभाग के कर्मी एसडीएम के निर्देश पर मौके पर पहुंच गए। एसडीएम के निर्देश पर लेखपाल ने जलमग्न फसलाें की क्षति का आंकलन भी शुरू कर दिया है।