एटा। कोतवाली नगर क्षेत्र के आगरा रोड स्थित बैंक ऑफ महाराष्ट्र में मनरेगा खाता खोलकर नकदी निकालने की धोखाधड़ी की गई। इस मामले में तत्कालीन बैंक प्रबंधक समेत चार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी कोर्ट के आदेश पर दर्ज की गई है।
गांव विदिरका निवासी सुशील कुमार ने आगरा रोड स्थित बैंक ऑफ महाराष्ट्र के तत्कालीन प्रबंधक समेत अनुज जैन निवासी मौहल्ला बावसा और तीन अन्य लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। आरोप है कि गांवो के अतुल एवं जयवीर गुजरात में रहकर मेहनत मजदूरी करते है। कई माह पहले अनुज जैन जयवीर के पास आए और कहा कि हम मनरेगा के काम के लिए बैंक में खाता खुलवा रहे है। आपका खाता खुलने पर आप जो मनरेगा में काम करेंगे। उसका पैसा सीधा बैंक खाते में आएगा। इस पर अतुल और जयवीर ने बैंक ऑफ महाराष्ट्र में खाता खुलवा लिया।
खाता खुलवाने वाले अनुज जैन ने बैंक वालों से मिलकर यूपीआई आईडी बनाकर हम लोगो के खाते से लेन देन करने लगा। जब हम सभी को मालूम हुआ कि बैंक मैनेजर एवं अन्य अज्ञात लोगो ने जालसाजी करके जयवीर और अतुल के खाते से रुपये निकाल लिए। इसके बाद अतुल एवं जयवीर बैंक गए और खाता बंद करने एवं बैंक का लेन देन बंद करने के लिए कहा तो बैंक मैनेजर ने कह दिया कि जिस व्यक्ति ने तुम्हारा खाता खुलवाया है उस व्यक्ति को लेकर आओ और खाता बंद नहीं किया। षड्यंत्र करके ठगी की गई। पुलिस इस मामले की जानकारी कर रही है।