बार काउंसिल ऑफ उप्र के आह्वान पर अधिवक्ताओं की हो रही हत्याएं और अत्याचार के विरोध में शुक्रवार को एटा और जलेसर के अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहे। इसके चलते फरियादी परेशान रहे। प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर अधिवक्ताओं की सुरक्षा व मृतक अधिवक्ताओं के परिवारीजनों को आर्थिक सहायता दिलाए जाने की मांग की।
कलक्ट्रेट बार एसोसिएशन के तत्वावधान में सभी अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहे। इस दौरान अधिवक्ताओं ने कार्य नहीं किया। बार सभागार में एसोसिएशन के अध्यक्ष सत्यप्रकाश शर्मा एडवोकेट की अध्यक्षता में बैठक संपन्न हुई। इसमें वक्ताओं ने अधिवक्ताओं की हो रही हत्या और उन पर हो रहे अत्याचार की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधिवक्ता आंदोलन करेंगे। बैठक का संचालन कर रहे महासचिव रेशपाल सिंह राठौर ने सरकार से मांग की कि मृतक अधिवक्ताओं के परिवारीजनों को 50 लाख की सहायता व परिवार के किसी एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए। बाद में सभी अधिवक्ता कलक्ट्रेट पहुंचे, जहां अपर जिलाधिकारी प्रशासन सतीशपाल को प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर राजेंद्र पाल सिंह पुंडीर, रमेशचंद्र यादव, प्रेम सिंह चौहान, देवेंद्र सिंह राठौर, मानवेंद्र सिंह, उदयप्रताप सिंह आदि अधिवक्ता मौजूद थे।
जलेसर में गोरखपुर जनपद के अधिवक्ता विजय कुमार श्रीवास्तव की हत्या के विरोध में तहसील अधिवक्ता संघ के सदस्य कार्य से विरत रहे। अध्यक्ष रमेशपाल सिंह ने कहा कि मौजूदा समय में प्रदेश में जंगलराज कायम है। न्यायिक कार्य न होने संबंधी ज्ञापन अधिवक्ताओं ने उपजिलाधिकारी संदीप गुप्ता को सौंपा। इस दौरान केपी सिंह यादव, जयशंकर गौड़, प्रमोद राठी, राजीव गौतम, शाहनवाज खान, सुदीप पाठक आदि मौजूद थे।