एटा। फतेहपुर में एसआईआर में बीएलओ का कार्य कर रहे लेखपाल सुधीर कुमार ने छुट्टी न मिलने पर आत्महत्या कर ली। उनकी इस दाैरान शादी भी थी। लेखपाल की मौत के मामले को लेकर उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ ने शुक्रवार को सदर तहसील में धरना दिया। अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। वहीं शहर कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों ने उन्हें समर्थन दिया।
सदर तहसील में उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ ने फतेहपुर के लेखपाल सुधीर कुमार की मौत को लेकर वहां के प्रशासनिक अधिकारियों को दोषी बताया। कहा कि अभी तक अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज नहीं होने की वजह से लेखपालों में आक्रोश व्याप्त है।
ऐसी घटनाएं अधिकारियों की असंवेदनशीलता, संवादहीनता दर्शाती हैं। उन्होंने मांग रखी कि पीसीएस अधिकारी संजय कुमार सक्सेना और राजस्व निरीक्षक शिवराम के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी की जाए। मृतक लेखपाल की मां को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाए। लेखपालों पर होने वाली उत्पीड़नात्मक कार्रवाई पर रोक लगाई जाए। पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री को मांगों का ज्ञापन भेजा।
वहीं दूसरी ओर शहर कांग्रेस कमेटी द्वारा लेखपाल के प्रदर्शन का समर्थन किया गया। शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विनीत पाराशर वाल्मीकि ने कहा कि चुनाव आयोग और योगी सरकार के दबाव में हो रही मौतें सरकारी मशीनरी की विफलताओं को उजागर करती हैं। जिम्मेदार अधिकारियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर कठोर कार्रवाई की जाए।
इस दौरान तहसील लेखपाल संघ की अध्यक्ष कल्पना भदौरिया, सचिव चक्रपाणि, विपिन यादव, प्रमोद शाक्य, अमर सिंह, भुवनेंद्र कुमार, कांग्रेस के पूर्व कार्यवाहक जिलाध्यक्ष अनिल सोलंकी, पूर्व सभासद सुभाष सागर एडवोकेट, ज्योति चौहान, फैजल हसन खान, पंकज गौतम आदि रहे।
सदर तहसील में धरना देते लेखपाल। स्रोत स्वयं