तमंचा दिखाकर लुटेरों ने चालक और क्लीनर को नीचे उतारकर पिटाई की थी। नशीला पदार्थ खिला दिया था। लुटेरे नकदी, सरिया से भरा ट्रक लेकर फरार हो गए था। दोनों को बेहोशी हालत में खेत में फेंककर चले गए थे। पुलिस ने विवेचना के बाद न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया।
वर्ष 2024 में थाना पिलुआ क्षेत्र में ट्रक लूटकांड के मामले में विशेष न्यायाधीश दस्यु प्रभावित क्षेत्र (डकैती कोर्ट) शशि भूषण कुमार शांडिल्य ने एक अभियुक्त को दोषी माना है। उसे 10 वर्ष कठोर कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड नहीं देने पर उसे अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
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अभियोजन पक्ष से मुकदमे की पैरवी विशेष लोक अभियोजक प्रवेश भारद्वाज ने की। उन्होंने बताया कि आगरा के थाना लोहामंडी के जयपुर हाउस निवासी दमनदीप सिंह ने थाना पिलुआ में 19 दिसंबर 2004 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें कहा था कि दो ट्रक में मुजफ्फरनगर से सरिया लादकर फिरोजाबाद जा रहे थे। रास्ते में एक ट्रक अलग हो गया था।
पिलुआ क्षेत्र में कार से ओवरटेक कर लुटेरों ने ट्रक रुकवा लिया। तमंचा दिखाकर लुटेरों ने चालक और क्लीनर को नीचे उतारकर पिटाई की और नशीला पदार्थ खिला दिया। लुटेरे नकदी, सरिया से भरा ट्रक लेकर फरार हो गए। दोनों को बेहोशी हालत में खेत में फेंककर चले गए थे। पुलिस ने विवेचना के बाद न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया।
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सोमवार को दोनों पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने आरोपी वाजिद निवासी वानीपुर थाना सहसवान जिला बदायूं को दोषी माना। उसे 10 वर्ष सश्रम कारावास और 40 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है।