एटा। जनपद में बुखार का प्रकोप जारी है। लगातार इससे मौत भी हो रही है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों में बुखार से एक भी मौत दर्ज नहीं है। अब मारहरा ब्लॉक क्षेत्र के गांव धरपसी निवासी एक लेखपाल की डेंगू से मौत हो गई। बताया गया कि परिजन उन्हें गंभीर स्थिति में दिल्ली ले जा रहे थे, रास्ते में उनकी सांसें थम गईं। लेखपाल पिवारी में तैनात थे।
गांव धरपसी निवासी लेखपाल 30 वर्षीय साेवेंद्र कुमार के परिजन ने बताया कि उन्हें करीब दस दिन से बुखार आ रहा था। बुखार आने पर पहले मारहरा कस्बे में इलाज कराया। यहां कोई फायदा नहीं मिला। इस पर कासगंज ले गए, लेकिन वहां से भी कोई फायदा नहीं हुआ। चिकित्सकों ने अलीगढ़ रेफर कर दिया। अलीगढ़ में डेंगू होने की जानकारी दी गई। शनिवार की देर शाम गंभीर स्थिति में उन्हें दिल्ली लेकर जा रहे थे कि रास्ते में मौत हो गई। वहीं रविवार को मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में 24 घंटे में नौ बुखार के पीड़ित पहुंचे। जहां चिकित्सकों द्वारा एक महिला को मेडिसन वार्ड में भर्ती किया गया।
51 आए हैं डेंगू पॉजिटिव
जिले में डेंगू पॉजिटिव की बात करें तो एलाइजा जांच में अब तक 51 बुखार पीड़िताें को स्वास्थ्य विभाग डेंगू के मरीज मान चुका है। जबकि जनवरी से अब तक मलेरिया के 36 केस सामने आए हैं। वहीं निजी पैथोलॉजी पर कार्ड से बुखार पीड़ितों की डेंगू व मलेरिया की जांच की जा रही है। इस दौरान अधिकांश बुखार पीड़ितों को डेंगू की पुष्टि हो रही है।
अभी तक बुखार से एक भी मौत जिले में नहीं है। गांव धरपसी के मामले को स्वास्थ्य विभाग की टीम भेजकर दिखवाया जाएगा। बुखार की सूचना जिस गांव से भी मिलती है। वहां शिविर लगाकर मरीजों को दवा उपलब्ध कराई जा रही है। -डॉ. उमेश त्रिपाठी, सीएमओ