सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर हाईवे से 500 मीटर दूर जिले में 73 शराब की दुकानें शिफ्ट करने का काम तेज हो गया है। पर, मयखाने की ये दुकानें अधिकारियों, ठेकेदारों, जनता के बीच बैर बढ़ा रहीं हैं। बाजार या कालोनी में नई दुकाने शिफ्ट करने पर जहां ठेकेदारों और अफसरों को विरोध का सामना करना पड़ रहा है।
जिले में 73 शराब की दुकानें हाईवे से 500 मीटर दूर शिफ्ट करने के लिए चिह्नित की गईं हैं। अफसरों की माने तो इनमें से 50 दुकानों के लिए स्थान चिह्नित हो चुके हैं, लेकिन हर जगह स्थानीय लोगों और प्रतिस्पर्धी ठेकेदारों के विरोध का सामना करना पड़ रहा है। बाजार और बस्ती में भी लोग शराब की दुकानों का विरोध कर रहे हैं। आबकारी अफसरों की मानें तो यदि 23 दुकानाें शिफ्ट नहीं हुईं, तो उन्हें बंद करना पड़ेगा और विभाग को सालाना 8 से 10 करोड़ रुपये राजस्व का नुकसान होगा। जबकि 50 दुकानें आसानी से शिफ्ट होने पर करीब 40 करोड़ रुपये राजस्व बचा रहेगा। अफसर नए स्थान पर स्थानांतरित होने वाली दुकानों के इलाके में जाकर लोगों से बात करने के अलावा वहां के पुराने ठेकेदारों से बात कर उन्हें भी मनाने की कोशिश में जुटे हैं।