वातावरण में फैले धुंध ने लोगों के लिए परेशानियां बढ़ा दीं हैं। इससे वाहन चालक और यात्री काफी दिक्कत महसूस कर रहे हैं। वहीं, लोग आंखों में जलन तथा सांस लेने में तकलीफ की शिकायत कर रहे हैं। उधर, अस्थमा के 100 से अधिक मरीज भी अस्पताल पहुंच चुके हैं।
जनपद में लगातार तीसरे दिन सोमवार को भी धुंध का असर बना रहा। इस दौरान लोगों को कुछ दूर तक दिखाई नहीं दिया। वाहन चालक लाइट जलाकर वाहन चलाते देखे गए। वहीं, धुंध से लोगों को सांस लेने में तकलीफ और आंखों में जलन की शिकायत भी बढ़ी है। सोमवार को सीएचसी पर पहुंचने वाले मरीजों में सांस लेने में दिक्कत की शिकायत सर्वाधिक रही। चिकित्सक मानते हैं कि यह संख्या एक दिन में सबसे अधिक है। आखों में जलन की शिकायत के भी 12 मामले आए। वहीं, बाजार में पहुंचे अधिकतर लोग चेहरे पर मॉस्क लगाए थे। मौसम में धूप न निकलने पर भी लोगों को ठंड का अहसास नहीं हो रहा।
स्कूल संचालक बरतने लगे सतर्कता
कासगंज। प्रदूषण को देखते हुए शासन-प्रशासन की ओर से स्कूलों को बंद करने के लिए अभी कोई कदम नहीं उठाए गए हैं, लेकिन स्कूल संचालक स्वयं सतर्क हो गए हैं। कुछ स्कूल संचालकों ने अवकाश घोषित कर दिया। छात्र एश्वर्य माहेश्वरी, धु्रव अग्रवाल ने बताया कि उनके विद्यालय में प्रदूषण के चलतेे अवकाश घोषित किया गया है।
कोट---
प्रदूषण युक्त धुंध से अस्थमा के रोगियों की संख्या में अचानक वृद्धि हो गई है। विभाग के पास पर्याप्त व्यवस्थाएं हैं। आक्सीजन गैस के सिलेंडर और दवा की कोई कमी नहीं है। बाहर निकलने पर लोग चेहरे पर मास्क लगाएं। ज्यादा परेशानी होने पर डॉक्टर से संपर्क करें।
डा. कृष्ण अवतार, चिकित्साधीक्षक