प्रदूषण का असर रविवार को वातावरण में साफ नजर आया। इस दौरान लोगों को सांस लेने में दिक्कत का सामना करना पड़ा। वहीं शनिवार के मुकाबले रविवार को धुंध और प्रदूषण की मात्रा ज्यादा रही। रविवार को पीएम 2.5 का स्तर 350 माइक्रोग्राम प्रति मीटर दर्ज किया गया। इस दौरान लोग मास्क लगाकर और चेहरे को ढककर घर से निकले।
दिल्ली और एनसीआर में प्रदूषण के चलते छाई धुंध का असर शनिवार को जिले में नजर आया था। उम्मीद थी कि रविवार को यह कुछ कम होगा, लेकिन ऐसा न हुआ। रविवार को धुंध बढ़ती नजर आई। सुबह जब लोगों ने धुंध देखी तो फिर से कोहरे की उम्मीद बढ़ गई, लेकिन ठंड महसूस नहीं होने से धुंध और प्रदूषण को लेकर लोग सतर्क हो गए। रविवार को दोपहर में थोड़ी देर के लिए सूर्यदेव के दर्शन हुए, लेकिन धुंध के चलते सूर्यदेव भी बादलों में छिपे रहे। उधर, प्रदूषण का हाल बढ़ता ही गया। शनिवार को 290 तक सिमटा आंकड़ा बढ़कर 350 माइक्रोग्राम प्रति मीटर की स्थिति को पार कर गया।
इस दौरान घुटन और सांस लेने में लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ा। इसके साथ ही आंखों में जलन, उल्टी, खांसी की समस्या भी हुई। लोग भी प्रदूषण से बचने के लिए मास्क लगाकर घरों से निकले। वहीं डाक्टरों ने धुंध को अस्थमा के मरीजों के लिए घातक बताया। निजी चिकित्सकों के क्लीनिक पर मरीजों की भीड़ नजर आई। लोगों को गंभीर बीमारियों का खतरा सताया, तो डाक्टरों ने मास्क पहनकर काम करने और बाहर निकलने की सलाह दी। शहर के वरिष्ठ चिकित्सक डा. प्रदीप गुप्ता ने बताया कि धुंध और प्रदूषण सेहत के लिए नुकसानदेह है। खासकर बच्चों और अस्थमा के मरीजों को घर से बाहर निकलना नहीं चाहिए। अगर बाहर जा भी रहे हैं, तो मास्क लगाकर निकलें। इसके साथ ही खांसी और अन्य समस्या के लिए विशेषज्ञ चिकित्सक से सलाह लें।