एटा। जिला मुख्यालय स्थित मेडिकल कॉलेज की स्वास्थ्य सेवाओं पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। गैस, पेट दर्द और पेशाब रुकने की समस्या से परेशान करीब दो माह की गर्भवती महिला उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज पहुंची लेकिन यहां उसकी समस्या का समुचित उपचार करने के बजाय उसे रेफर कर दिया गया। इससे परिजन को मजबूर होकर महिला को दूसरे अस्पताल ले जाना पड़ा।
मारहरा दरवाजा निवासी मुकीम की पत्नी शाइन करीब दो माह की गर्भवती हैं। उन्हें गैस के साथ पेट दर्द और पेशाब रुकने की शिकायत हुई। परेशान परिजन उन्हें उपचार की उम्मीद में मेडिकल कॉलेज की ओपीडी लेकर पहुंचे। आरोप है कि वहां चिकित्सकों ने महिला की समस्या का अपेक्षित उपचार करने के बजाय उसे रेफर कर दिया। परिजन का आरोप है कि सामान्य समस्या होने के बावजूद मेडिकल कॉलेज में उपचार नहीं मिल सका।
वहीं स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. साधना सिंह ने बताया कि महिला को दो माह का गर्भ था और उसका भ्रूण नली में फंस गया था। परिजन ने हाई रिस्क लेने से मना कर दिया और स्वयं ही वार्ड से छुट्टी करा ले गए। महिला के साथ तीमारदार थे जो कि मरीज को लग रही ड्रिप को पकड़े थे। उस समय मेडिकल कॉलेज का कोई अटेंडर (सहायक) भी साथ नहीं था। इसी वजह से उसको और अधिक दिक्कत हो रही थी।
समस्या कुछ और रही होगी जिसकी वजह से महिला को रेफर किया गया। अन्यथा हमारा प्रयास रहता है कि मरीज को मेडिकल कॉलेज की बेहतर सेवाओं से स्वस्थ कर घर भेजा जाए। -डॉ. एस चंद्रा, सीएमएस