एटा। मानसून की बेरुखी से परेशान किसानों को सिंचाई विभाग ने थोड़ी राहत दी है। पिछले सात आठ महीनों से सूखी पड़ी पीएलजीसी नहर व 10-12 सालों से खाली पड़ी बेवर फीडर नहर में पानी छोड़ा गया है। इससे क्षेत्रीय किसान खेतों की सिंचाई कर सकेंगे। हालांकि दोनों नहरों में अभी पानी कम है, लेकिन विभाग और प्रशासन का दावा है कि आने वाले दिनों में इन दोनों नहरों में पानी की क्षमता बढ़ेगी।
बता दें कि उप्र वॉटर सेक्टर रीस्ट्रक्चरिंग परियोजना के अंतर्गत शासन पूरे प्रदेश में करोड़ों रुपये खर्च कर नहरों की सफाई का कार्य चल रहा है। सिंचाई विभाग की मानें तो उक्त योजना के तहत पीएलजीसी नहर की खोदाई की गई थी। इसके चलते नहर में पानी की क्षमता भी 42 सौ क्यूसेक से बढ़कर 6380 क्यूसेक हो गई है। योजना के तहत छह माह बाद नहर की सतह व लाइनिंग पक्की होगी। विभाग के अनुसार इस नहर से बेवर शाखा, कानपुर शाखा, इलाहाबाद शाखा आदि 12 शाखाओं में पानी टेल तक पहुंचाया जाएगा। इससे किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिल सके। इसके चलते अमांपुर रोड स्थित बेवर फीडर नहर में भी जल्द खोदाई की जाएगी। बता दें कि फिलहाल इसकी क्यूसेक क्षमता 900 है, जो खोदाई के बाद 1156 हो जाएगी। सिंचाई विभाग द्वारा फिलहाल नहर में पानी छोड़ दिया गया है। सूखे के संकट को देखते हुए इस नहर में पानी आना, किसानों के लिए वरदान साबित होगा।
उप्र वॉटर सेक्टर रीस्ट्रक्चरिंग परियोजना के अंतर्गत नहराें की खोदाई का काम चल रहा है। इससे नहरों में पानी की क्षमता को बढ़ाया जा रहा है। बेवर फीडर में पानी छोड़ दिया गया है, इससे किसानों को अपने खेत सींचने में आसानी होगी।
-- बलराम सिंह यादव, अधिशासी अभियंता सिंचाई खंड एटा।
बेवर फीडर में पानी आना और पीएलजीसी नहर में पानी की क्षमता का बढ़ना, आने वाले दिनों में जिले के किसानों के लिए वरदान साबित होगा। किसानों को इन नहरों में पानी आने से सूखे की समस्या से निपटने के लिए राहत मिलेगी।
- साहब सिंह, मुख्य विकास अधिकारी, एटा।