एटा। तीन दिन के अवकाश के बाद बुधवार को खुले बैंकों में सुबह से ही उपभोक्ताओं की लंबी लाइनें लगी रही। इसके चलते उपभोक्ताओं को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं, बैंक कर्मचारियों के अनुसार बुधवार को सामान्य से 20 प्रतिशत अधिक लेनदेन रहा। पूरे जनपद में सात करोड़ के लगभग लेनदेन होने का अनुमान है।
बैंक कर्मचारियों ने बताया कि सुबह से अधिक काम होने की वजह से एक पल की भी फुर्सत नहीं मिली। शृंगार नगर निवासी निखिल कुमार ने बताया कि कचहरी रोड स्थित एसबीआई में अधिक भीड़ होने के कारण कैश जमा करने में एक डेढ़ घंटा का समय लग गया। संजय नगर निवासी विनोद यादव ने बताया कि वह एसबीआई में कैश जमा करने के लिए आए थे, लेकिन अधिक भीड़ होने के कारण वह कल कैश जमा करेंगे। इधर, देर शाम तक कर्मचारी बैंक में काम निपटाते नजर आए।
बैंक अधिकारियों के अनुसार एसबीआई में लगभग तीन करोड़, एक्सिज बैंक में लगभग 50 लाख, एचडीएफसी में एक करोड़, आईसीआईसीआई में लगभग एक करोड़ व एटा अर्बन कोआपरेटिव बैंक में लगभग 30 लाख रुपये का लेनदेन हुआ। ये लेनदेन के आंकड़े सिर्फ शहर की प्रमुख शाखाओं के हैं।
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बैंक में सामान्य दिनों से थोड़ा अधिक काम था। तीन दिन के अवकाश के बाद बैंक परिसर में उपभोक्ताओं की भीड़ अधिक थी।
- विनय प्रताप सिंह, ऑपरेशन हेड, एक्सिज बैंक, एटा
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एसबीआई में सामान्य दिनों के अनुसार काम हुआ। तीन दिन के अवकाश के बाद कुछ काम अधिक था। इसके चलते उपभोक्ताओं की लंबी लाइन लगी रही।
- एमके गुप्ता, प्रबंधक, एसबीआई, एटा
एटीएम ने दिया धोखा, कहीं लंबी लाइन
एटा। मंगलवार की तरह बुधवार को भी शहर की एटीएम धोखा देती रहीं। माया पैलेस स्थित एचडीएफसी की एटीएम दोपहर के बाद चालू हो सकी। वहीं आईसीआईसीआई बैंक की एटीएम सुबह से ही बंद रही। कचहरी रोड स्थित एक्सिज बैंक की एटीएम चालू होने के कारण इस पर सुबह से ही उपभोक्ताओं की लंबी लाइन लगी रहीं। वहीं, सोमवार और मंगलवार को उपभोक्ताओं का साथ देने वाले आईडीबीआई बैंक की एटीएम बुधवार को बंद रही। इसके चलते एटीएम से पैसा निकालने के लिए उपभोक्ताओं की परेशानी उनके चेहरे पर साफ दिखी।
कर्मचारियों से नहीं उतरी अवकाश की खुमारी
एटा। दिवाली पर चार दिन की छुट्टी काट कर आए कर्मचारी कार्यालय में काम करते हुए सुस्त दिखाई दिए। वहीं, कुछ कर्मचारी अभी छुट्टी से अपने काम पर नहीं लौटे। इसके चलते विभागों में कर्मचारियों की संख्या भी कम दिखाई दी, तो वहीं दूसरी ओर फरियादियों की संख्या भी कार्यालयों पर कम दिखाई दी।