एटा। चार दिन पूर्व अवागढ़ कस्बा में हुई सराफ मुकेश गोयल व उनके नौकर की हत्या कर करीब पचास लाख की नकदी और जेवर लूटकर ले जाने की घटना का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने घटना में शामिल तीन बदमाशों को कोतवाली देहात क्षेत्र में गदनपुर पैंठ के पास से मुठभेड़ के बाद तीन बदमाशों को गिरफ्तार करने का दावा किया। इनके पास से पुलिस ने एक पिस्टल, दो तमंचे, बाइक सहित लूटे गए 20 लाख रुपए के जेवरात बरामद किए है। इस घटना के मुख्य सरगना सहित तीन बदमाश अभी फरार हैं। पकड़े गए तीनों बदमाश आगरा के रहने वाले है।
गत 17 फरवरी की शाम को यह घटना हुई तथा इसके विरोध में तभी से कसबा अवागढ़ बंद चल रहा है। जलेसर और आस पास के कसबों में घटना को लेकर आक्रोश पनप रहा था। पुलिस के लिए सिरदर्द बनी इस घटना का खुलासा गुरुवार की शाम पुलिस लाइन में पत्रकारों के समक्ष वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजयमोहन शर्मा ने किया। उन्होंने बताया कि दोपहर साढ़े 12 बजे मुठभेड़ के बाद जिन तीन बदमाशों को गिरफ्तार किया उन्होंने अपने नाम मुकद्दर निवासी गांव भाई थाना मलपुरा जिला आगरा, श्यामवीर निवासी अखीमपुरा थाना मलपुरा आगरा और भूरा निवासी चंदनगढ़ी थाना डौकी आगरा बताया। इनके पास से पुलिस ने एक पिस्टल, दो तमंचा 315 बोर और 15 कारतूस के साथ एक बाइक भी बरामद की है। लूटे गए जेवरातों में से साढ़े सात सौ ग्राम सोने के जेवर भी बरामद किए हैं, इनकी कीमत 20 लाख रुपए हैं।
एसएसपी ने बताया कि मुख्य सरगना अवागढ़ थाना क्षेत्र का रहने वाला है। उसी के कहने पर बदमाश आए थे। सरगना और उसके दो साथियों की पुलिस तलाश कर रही हैं। पुलिस गिरफ्त में आए बदमाशों ने बताया कि उनका मकसद केवल लूट करना था, लेकिन व्यापारी और नौकर ने उन्हें पहचान लिया था, जिसके कारण हत्या की। पुलिस का कहना है कि तीनों बदमाश पेशवर अपराधी हैं। जिनके खिलाफ आगरा में भी कई मामले दर्ज हैं। मामले का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को पुलिस महानिरीक्षक आगरा ने दस हजार रुपए देकर पुरस्कृत करने की घोषणा की है। टीम में एसओजी के अलावा अवागढ़, कोतवाली देहात की पुलिस शामिल है।