एटा (ब्यूरो)। लापरवाही कहें या विभाग की अतिरिक्त जिम्मेदारियां। आर्थिक जनगणना और निर्वाचन आयोग द्वारा संचालित अभियानों में लगे कर्मचारी पशुगणना नहीं कर पा रहे। बताते चलें कि 15 दिनों में निर्धारित 75 प्रतिशत की गणना केेे बजाय अभी तक यह आंकड़ा 46 प्रतिशत तक ही पहुंच सका है।
पशु चिकित्सा अधिकारी नरेंद्र कुमार ने बताया कि जातीय जनगणना और अन्य कार्यक्रमों के चलते पशुगणना में लगे लोग उलझे हुए हैं और वे इस कार्य को नहीं कर पा रहे हैं। इसके चलते कार्य में विलंब हो रहा है। उनका कहना है कि शेष दिनों में पशु गणना का काम पूरा हो जाएगा।