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Etah News: सत्संग हादसे में एटा के 9 लोगों की मौत, कराया अंतिम संस्कार

Wed, 03 Jul 2024 11:27 PM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
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एटा। हाथरस के सिकंदराराऊ क्षेत्र के गांव फुलरई मुगलगढ़ी में नारायण साकार हरि महाराज उर्फ भोले बाबा के सत्संग के समाप्त होने के बाद वहां भगदड़ मच गई थी। इसमें एटा के 9 लोगों की जान चली गई। किसी ने अपनी बेटी को तो किसी ने मां और बहन को खो दिया। इन सभी के शव का अंतिम संस्कार बुधवार को प्रशासनिक अधिकारियों की देखरेख में करा दिया गया। वहीं सहायता धनराशि मुहैया कराने के लिए सभी मृतकों के आश्रितों का बैंक विवरण लिया गया।
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मरने वालों में 8 महिलाएं सहित एक तीन वर्ष का बच्चा है। एटा पोस्टमार्टम हाउस पर एक ही महिला का शव मंगलवार को लाया गया था। अन्य मृतकों के शव का दूसरे जनपदों में पोस्टमार्टम हुआ। वहां से देर रात और बुधवार सुबह तक मृतकाें के शव घरों पर पहुंचाए गए। जहां प्रशासन की देखरेख में सभी का अंतिम संस्कार कराया गया। एडीएम प्रशासन सत्य प्रकाश ने बताया कि मृतकों के परिजन के बैंक अकाउंट में प्रदेश सरकार द्वारा की गई धनराशि दो-दो लाख रुपये डाली जाएगी। सभी का विवरण ले लिया गया है। जल्द ही केंद्र सरकार द्वारा सभी सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी।

नोएडा से शामिल होने परिवार सहित आई थी मृतिका
जैथरा। थाना क्षेत्र के गांव खरौली निवासी रायसिंह नोएडा में रहते हैं। वह एक फैक्टरी में कपड़ों की सिलाई का कार्य करते हैं। पत्नी रीना सहित 3 बच्चे भी साथ रहते हैं। मंगलवार को भोले बाबा का सत्संग था। ऐसे में रायसिंह बाइक से पत्नी व बच्चों को लेकर सत्संग में पहुंचे थे। भगदड़ मचने के बाद रीना गिर गई और उनकी मौत हो गई। रायसिंह ने बताया पत्नी के कहने पर ही वह सत्संग में शामिल होने आए थे। बुधवार को बारिश होने के कारण रीना का अंतिम संस्कार गांव में नहीं हो सका। जैथरा के श्मशान घाट पर कराया गया।
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देर रात पहुंचा शव तो मचा कोहराम
राजा का रामपुर। कस्बा के मोहल्ला जाटवान निवासी 69 वर्षीय महादेवी मोहल्ले के लोगों के साथ ट्रेन से सत्संग में शामिल होने गईं थीं। भगदड़ के दौरान महादेवी गुम हो गईं, जो उनके साथ के लोगों को नहीं मिलीं। जानकारी महादेवी के बेटे को दी गई। सभी ने उन्हें खोजना शुरू कर दिया। मृतका के बेटे चंद्रशेखर ने बताया मां का शव हाथरस के अस्पताल में मिला। वहां पोस्टमार्टम के बाद शव को दिया गया। देर रात शव घर पहुंचा तो कोहराम मच गया। बुधवार की सुबह प्रशासन की देख-रेख में अंतिम संस्कार कराया गया।
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आगरा में हुआ पोस्टमार्टम
मिरहची। थाना क्षेत्र के गांव रफीपुर निवासी 40 वर्षीय सुनीता गांव के लोगों के साथ सत्संग में गई थी। भगदड़ में घायल होने के बाद मौत हो गई। शव को प्रशासन ने आगरा पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया। परिजन ने बताया कि जैसे ही हादसे की जानकारी हुई, पहले एटा पोस्टमार्टम हाउस पर गए। यहां सुनीता नहीं मिलीं। इसके बाद हाथरस पहुंचे। बाद में सिकंदराराऊ गए, लेकिन कहीं पता नहीं चला। इसके बाद आगरा में शव भेजे जाने की जानकारी मिली। वहां जाकर देखा तो शव मोर्चरी में रखा था। पोस्टमार्टम के बाद बुधवार की सुबह शव दिया गया। दोपहर बाद यहां अंतिम संस्कार किया गया।

गिरने के बाद उठ नहीं पाई चंद्रप्रभा
शहर के मोहल्ला बनगांव हीरानगर निवासी चंद्रप्रभा उर्फ सरोज देवी मंगलवार को परिवार की 5 अन्य लोगों के साथ सत्संग में शामिल होने गईं थी। परिजन ने बताया वहां भगदड़ मची इसमें चंद्रप्रभा गिर गईं। इसके बाद फिर उठ ही नहीं पाई। पता नहीं किस समय उन्हें एटा मेडिकल कॉलेज भेजा गया। वहां खोजने के बाद नहीं मिलीं। इस पर एटा परिजन को जानकारी दी। यहां पोस्टमार्टम पर जाकर देखा तो उनका शव अन्य शवों के साथ रखा था। परिजन बोले चंद्रप्रभा पहले भी सत्संगों में जाती रहीं थीं। पैतृक गांव मुमिया खेड़ा में उनका अंतिम संस्कार बुधवार को किया गया।

जलेसर क्षेत्र की दो बहनों व एक किशोरी की मौत
जलेसर। सत्संग में गांव महानमई से एक बस में सवार होकर 50-60 लोग गए थे। गांव की रेखा देवी अपनी तीन पुत्रियों 22 वर्षीय प्रियंका, 18 वर्षीय सुधा व 17 वर्षीय मीरा के साथ गईं थीं। सत्संग में जब भगदड़ मची, जिसमें सुधा व मीरा गिरकर दब गईं। प्रियंका ने बताया वह मां के साथ घर लौट आई। आकर पता चला कि सुधा व मीरा घर नहीं पहुंची हैं। परिवार के लोग सिकंदराराऊ गए। सुधा का शव हाथरस व मीरा का शव अलीगढ़ भेजने की जानकारी मिली। दोनों के शव पोस्टमार्टम के बाद गांव लाए गए तो चीत्कार मच गया। बाद में प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में दोनों का अंतिम संस्कार किया गया।
वहीं गांव मोहनपुर निवासी राजकुमार पत्नी शैलेष व पुत्री खुशबू के साथ बाइक से सत्संग में गए थे। बताया कि भगदड़ मची तो बेटी व पत्नी को एक तरफ खड़ा कर बाइक लेने चले गए। बाइक लेकर आए तो पता चला कि बेटी व पत्नी गिरकर दब गईं थीं। जैसे तैसे पत्नी को बाहर निकाला लेकिन बेटी का पता नहीं चला। दो घंटे बाद भगदड़ कम हुई तो देखा कि बेटी का शव दलदल में पड़ा था। हाथरस में पोस्टमार्टम के बाद बेटी का शव दिया गया। बुधवार को उसका अंतिम संस्कार किया गया।
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बिना पोस्टमार्टम कराए ही शव ले गए परिजन
मारहरा। थाना क्षेत्र के गांव मुईद्दीनपुर निवासी सत्येंद्र अपनी पत्नी व 3 वर्ष के पुत्र रॉबिन के साथ सत्संग में गए थे। भगदड़ के दौरान बच्चा गिर गया। ऐसे में लोग उसके ऊपर से निकलते रहे। चीखा-चिल्लाया लेकिन किसी ने नहीं सुनी। बाद में उसे एटा मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया। यहां इमरजेंसी में चिकित्सक ने मृत बता दिया। बिना पोस्टमार्टम कराए ही शव गांव ले आए। बुधवार को उसका अंतिम संस्कार किया गया। कोतवाली देहात क्षेत्र के गांव भोगपुर निवासी ईश्वर प्यारी की भी भगदड़ में मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद शव घर पहुंचा तो चीत्कार मच गया। बुधवार को अंतिम संस्कार किया गया।
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