उत्तर प्रदेश के एटा में वायरल बुखार के साथ डेंगू-मलेरिया के बढ़ते मामलों ने पैथोलॉजी लैब पर भार बढ़ा दिया है। मेडिकल कॉलेज की पैथोलॉजी लैब में प्रतिदिन आठ से दस हजार तक जांचें की जा रही हैं।
बरसात के मौसम में बीमारियों की आशंका अधिक रहती है। डेंगू, मलेरिया, वायरल बुखार के मामले अधिक मिलते हैं। स्वास्थ्य महानिदेशालय ने बीमारियों की रोकथाम के लिए नियमित अभियान चलाने के दिशा-निर्देश दिए हैं। एक अक्तूबर से विशेष संचारी रोग अभियान शुरू हो रहा है।
इस अभियान में अन्य बीमारियों के साथ मधुमेह, कैंसर, हाइपरटेंशन और सांस रोग के पीड़ितों का ब्योरा जुटाने के निर्देश हैं। बीमारी का पता चलते ही मरीजों को उचित उपचार मिल सके। इसके लिए खून की जांच अनिवार्य की गई है।
मेडिकल कॉलेज के अलावा स्वास्थ्य केंद्रों पर खून की जांच हो रही है। मेडिकल कॉलेज की बात करें तो यहां प्रतिदिन नए-पुराने 3000 के करीब मरीज पहुंच रहे हैं। इन मरीजों की लैब में प्रतिदिन आठ से 10 हजार जांच हो रही हैं। यह आंकड़ा 24 घंटे का है।
इसके अलावा डेंगू के एलाइजा जांच के सैंपल भी स्वास्थ्य उपकेंद्रों से आ रहे हैं। उनकी भी जांच मेडिकल कॉलेज में की जा रही है। बताया गया बुखार पीड़ितों की सर्वाधिक जांच हो रहीं हैं। सबसे अधिक जांचें बुखार रोगियों की कराई जा रही हैं। इनमें प्लेटलेट्स की संख्या कम आने की समस्या सर्वाधिक है। अक्तूबर से अभियान चलेगा ऐसे में जांच और बढ़ने की संभावना है।
आंकड़ों पर एक नजर
- वर्ष - मलेरिया मरीज - डेंगू मरीज
- 2021 - 120 - 209
- 2022 - 45 - 46
- 2023 - 67 - 77
- 2024 - 29 - 18
मौसम से बदलाव के कारण बड़ी संख्या में कॉलेज में मरीज आ रहे हैं। मरीजों को देखकर उनका उपचार किया जा रहा है। जांच भी कराई जा रहीं है। 24 घंटे लैब संचालित रहती है। इससे जांच की संख्या बढ़ी है। -डॉ. सुरेश चंद्रा, सीएमएस