एटा। मुख्य विकास अधिकारी ने मंगलवार को विकास भवन कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। कार्यालय में फाइलों का रखरखाव सही नहीं पाया गया। चारों ओर गंदगी का अंबार नजर आया। इसके अलावा अलग-अलग विभाग के आठ कर्मचारी अनुपस्थित पाए जाने पर नाराजगी जताते हुए स्पष्टीकरण मांगा है।
विकास भवन का कार्यभार संभालने के बाद से ही मुख्य विकास अधिकारी नागेंद्र नारायण मिश्र विकास भवन में साफ-सफाई के संबंध में कर्मचारियों को हिदायत दे चुके हैं। मंगलवार को औचक निरीक्षण के दौरान उन्होंने जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी कार्यालय में मेजों पर फाइलों का ढेर लगा पाया। संबंधित अधिकारी की मेजों पर नेम प्लेट नहीं लगे होने पर फटकार लगाई।
कार्यालय के गलियारों में गमले नहीं पाए जाने तथा दीवारों पर गंदगी मिलने पर नाराजगी जताते हुए तत्काल साफ-सफाई कराने के निर्देश दिए। जिला कार्यक्रम अधिकारी का कार्यालय खाली मिला। एक महिला कर्मचारी उपस्थित थी। कक्ष में सामान फैला हुआ था, अभिलेख अस्त-व्यस्त तरीके से रखे थे। कोई अधिकारी, नहीं मिला। आरईडी कार्यालय में गंदगी पाई गई, पुराना रिकॉर्ड कमरे में पडा मिला।
जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय में अभिलेख अव्यवस्थित मिले। जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी प्रदीप कुमार एवं रेखा मिश्रा को छोड़कर अन्य कोई भी अधिकारी उपस्थित नहीं पाया गया। उन्होंने कहा कि शासन के स्पष्ट निर्देश हैं कि जिला स्तरीय अधिकारी 10 बजे से 12 बजे तक अपने कार्यालय में बैठकर जनता की समस्याओं को सुनेंगे तथा निस्तारण करेंगे। साफ-सफाई व कार्य में लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
कर्मचारियों की मेजों पर नेम प्लेट लगी होनी चाहिए। अभिलेखों को व्यवस्थित ढंग से रखा जाए। जो सामान अनुपयोगी हो उसे स्टोर में रखा जाना चाहिए। अनुपस्थित पाए गए अधिकारियों ने स्पष्टीकरण मांगा है सही जवाब न मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
जिला कार्यक्रम अधिकारी व कर्मचारी, जिला कृषि अधिकारी एवं कृषि रक्षा अधिकारी व कर्मचारी, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी कार्यालय के कर्मचारी सहित आठ अधिकारी कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए। बताया गया कि कुछ अधिकारी राजकीय जिला कृषि एवं विकास औद्योगिक प्रदर्शनी में सरकारी कार्यक्रम में मौजूद रहे व कुछ अवकाश पर हैं।