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(सीएम की खबर-1) (मुख्यमंत्री से उम्मीद, किस्त-2)

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सीएम योगी। - फोटो : अमर उजाला
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एटा-जलेसर। परिंदे उड़ गए हैं, पर्यटक निराश हैं और परेशानियां वहीं। उपेक्षा और असुविधा का दंश झेल रहा पक्षी विहार बदहाली के कगार पर है। पिछली बार मुख्यमंत्री आए तो बड़ा वादा करके गए थे, लेकिन कुछ हुआ नहीं। अब एक बार फिर मुख्यमंत्री के दौरे से जिले के लोगों को पक्षी विहार के विकास की आस लगी है।
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साल 1984 में तत्कालीन ब्लॉक प्रमुख रूप किशोर गौतम और तत्कालीन डीएम जैकब थामस के प्रयासों के चलते विशाल झील और खजूर की झाड़ियों के कारण पटना को पक्षी विहार की सौगात मिली। इसके बाद डीएम मुकुल सिंघल, उमेश चंद्र ने यहां का विकास कराया, लेकिन पिछले 15-16 साल से सरकारी उपेक्षा के चलते पर्यटक स्थल बदहाली की ओर बढ़ रहा है। आलम यह है कि अब यहां परिंदों की संख्या भी कम हो गई तो असुविधाओं के चलते पर्यटकों ने भी यहां से दूरी बना ली। अब 26 फरवरी को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एटा आगमन से पक्षी विहार के विकास की उम्मीदें भी उड़ान भर रही हैं।

प्रवासी पक्षियों की होने लगी वापसी
मौसम बदलने के साथ ही पर्यटक स्थल से प्रवासी पक्षियों की वापसी शुरू हो गई है। झील में भी पानी कम होता जा रहा है। शीत लहर के दौरान पक्षी विहार में प्रवासी और अप्रवासी पक्षियों की संख्या एक लाख के पार पहुंच गई थी। गर्म मौसम शुरू होते ही साइबेरियन पक्षियों ने पलायन शुरू कर दिया।
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पटना पक्षी विहार सालों से बदहाल है। सरकारों और प्रशासन ने कभी इसके विकास के बारे में नहीं सोचा।
धीरज पाल सिंह

पक्षी विहार में दिनोंदिन प्रवासी पक्षियों की संख्या कम होती जा रही है। विहार के विकास की जरूरत है।
मुन्ना पहलवान

सीएम ने पिछले दौरे में पक्षी विहार के विकास का वादा किया था। अब उसे पूरा करने की बारी है।
कुशलपाल सिंह

पटना पक्षी विहार में असुविधाओं के चलते पर्यटक कम आते हैं। इसे लेकर प्रयास किए जाने चाहिए।
राजेश गौतम
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