एटा। पिलुआ थाना क्षेत्र में किशोरी से दुष्कर्म के मुकदमे में मंगलवार को फैसला सुनाया। विशेष न्यायाधीश पोक्सो एक्ट विकास गुप्ता ने पन्नालाल निवासी कस्बा पिलुआ को दोषी ठहराया। सात साल के कठोर कारावास का दंडादेश दिया है।
थाने में मामले की रिपोर्ट किशोरी के पिता ने दर्ज कराई। बताया कि 16 वर्षीय पुत्री को 7 अप्रैल 2017 को पन्नालाल बहला-फुसलाकर ले गया। तीन महीने बाद पुत्री वापस घर आई। उसने बताया था कि उसके साथ दुष्कर्म किया गया। चिकित्सकीय परीक्षण में यह बात साबित हुई। इसके आधार पर पुलिस ने विवेचना में दुष्कर्म की धाराएं बढ़ाते हुए आरोप पत्र न्यायालय में पेश कर दिया। सुनवाई के दौरान पीड़िता ने बताया कि उसे शादी के बहाने पन्नालाल ले गया था। गुरुग्राम में उसे करीब तीन महीने तक रखा।
बताया कि कई बार उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। अदालत ने दोनों पक्षाें की सुनवाई पूरी होने के बाद न्यायालय ने पन्नालाल को दोषी पाया। सात साल के कठोर कारावास सहित 45 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित करने का आदेश दिया। अर्थदंड में से 75 प्रतिशत धनराशि पीड़िता को दी जाएगी। दोषी यदि अर्थदंड नहीं देता है तो उसके तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।