एटा। मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में हार्ट अटैक के बाद 55 वर्षीय व्यक्ति को लाया गया। यहां चिकित्सक ने परीक्षण के उपरांत मृत घोषित कर दिया। वहीं मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग में सर्दी, खांसी, वायरल बुखार समेत अन्य बीमारियों के 650 से अधिक मरीजों ने उपचार लिया।
मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में शुक्रवार रात 12.10 बजे हुकम सिंह (55) निवासी जैथरा को लाया गया। भतीजे शिव चौहान ने बताया कि घर पर अचानक से तबीयत खराब हो गई। उनके सीने में तेजी से दर्द होने लगा। इसके बाद उन्हें मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में लेकर आए जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
वहीं मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग में वायरल बुखार, सर्दी, खांसी और जुकाम समेत अन्य बीमारियों के मरीजों की लंबी कतार लगी रही। यहां पर करीब 650 मरीजों को उपचार दिया गया। चिकित्सकों ने बताया कि मौसम बदलने और ठंड बढ़ने की वजह से सबसे अधिक वायरल बुखार, सर्दी, खांसी के मरीज उपचार ले रहे हैं। वहीं गंभीर मरीजों को सामान्य वार्ड में भर्ती कर उपचार दिया जा रहा है। शनिवार को करीब 20 मरीजों को सामान्य वार्ड में भर्ती किया गया। इसके साथ ही आवश्यकतानुसार 150 मरीजों की रक्तचाप और सुगर की जांच कराई गई।
ठंड बढ़ने के साथ ही पेशान कर रहा सोरायसिस
एटा। सर्दी आते ही सोरायसिस, स्केबीज आदि त्वचा के रोगियों की संख्या में इजाफा हो रहा है। इससे परेशान लोग उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज के त्वचा रोग विभाग में आ रहे हैं। शनिवार को करीब 500 मरीजों ने उपचार लिया।
मेडिकल कॉलेज के त्वचा विभाग में शनिवार सुबह 8 बजे से ही मरीजों की लाइन लगना शुरू हो गई। 8.30 बजे चिकित्सक आए तो एक-एक कर मरीजों को देखना शुरू किया। त्वचा विशेषज्ञ डॉ. प्रीति कुशवाहा ने बताया कि सर्दी बढ़ते ही सोरायसिस के मरीज अधिक आने लगे हैं। जैसे-जैसे सर्दी अधिक होती जाएगी उसी तरह सोरायसिस के मरीजों की संख्या भी बढ़ने लगेगी।
उन्होंने बताया कि सोरायसिस एक ऐसी बीमारी है जिससे शरीर में सफेद दाग हो जाते हैं। कभी-कभी लोगों के सिर में भी यह बीमारी हो जाती है। उन्होंने बताया कि अभी 50 से 60 मरीज सोरायसिस के उपचार ले रहे हैं। इसके साथ ही स्केबीज के 150 मरीज, फंगल के 100 समेत अन्य बीमारियों के मरीज उपचार ले रहे हैं। उन्होंने बताया कि युवाओं के चेहरे पर कील मुंहासे हो जाते हैं। उन्हें भी उपचार दिया जा रहा है। उन्होंने सोरायसिस बीमारी से बचने के उपाय भी बताए।
इन बातों का रखें ध्यान..
- सर्दियों में ठंड से बचाव रखें।
- बाहर का खाना खाने से बचें।
- सुबह की हल्की धूप लें।
- जरूरी दवाओं का नियमित सेवन करते रहें।
- अधिक गंभीर स्थिति में चिकित्सक से संपर्क करें।
350 मरीजों ने लिया उपचार, निमोनिया पीड़ित मिला एक बालक
जैथरा। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर शनिवार को 350 मरीजों ने उपचार लिया। इनमें से एक बालक को निमोनिया पाया गया, जिसका इलाज शुरू किया यगा। डॉ. सुलेमान ने बताया कि मौसम में अचानक बदलाव होने पर पिछले सप्ताह मरीजों की संख्या बढ़ी थी। अब लगभग समान तापमान रहने से मरीजों की संख्या कम हुआ है। उन्होंने बच्चों एवं बुजर्ग लोगों को सर्दी से बचाव का परामर्श दिया है।