परिक्षा से वंचित रखे गए छात्रों ने शिक्षा अधिकारी को दिया ज्ञापन- संवाद
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एटा। बोर्ड परीक्षाओं में स्कूल संचालकों की गलती का खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ रहा है। बोर्ड और डीआईओएस के बार-बार आदेेेश के बाद भी स्कूल संचालकों ने छात्रों के आवेदन में पाई गईं त्रुटियों को ठीक नहीं कराया, इसके चलते पांच छात्रों को बोर्ड परीक्षा से वंचित कर दिया गया। जिले में करीब 15 से बीस छात्र ऐसे हैं, जिन्हें परीक्षा में न बैठने देने के कारण पूरा साल बरबाद हो गया।
छात्र अभी यादव, आदिल अहमद, हर्ष यादव, शिवशंकर और विवेक यादव ने बताया कि वह सभी वनगांव रोड स्थित एएस हायर सेकेंडरी स्कूल से वर्ष 2019-20 की बोर्ड परीक्षा के लिए आवेदन किया था, उनकी प्रयोगात्मक परीक्षाएं हो चुकी हैं और रोल नंबर भी आवंटित हो चुके हैं। विद्यालय प्रबंधक की गलती से जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा उन्हें परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी गई है। इसके चलते उनका एक साल बरबाद हो गया। महारानी लक्ष्मी बाई गर्ल्स इंटर कॉलेज पर परीक्षा देने पहुंचे छात्रों को जब यहां से कोई राहत नहीं मिली तो वह कलक्ट्रेट पहुंचे और अधिकारियों से गुहार लगाई पर उन्हें वहां से भी राहत नहीं मिली।
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शहीद के भतीजे हैं हर्ष : छात्र हर्ष यादव कारगिल शहीद पुष्पेंद्र यादव के भतीजे हैं उनके पिता शिवशंकर ने फोन पर बताया कि वह प्रयागराज आए पर यहां हाईकोर्ट से भी नहीं कोई राहत नहीं मिल पाई है।
-मेरे पास जिस वक्त पांचों विद्यार्थी आए उनके पास प्रवेश पत्र नहीं थे, बिना प्रवेश पत्र के किसी भी छात्र को परीक्षा में बैठाना संभव नहीं था।
डॉ. विनीता तिवारी, प्रधानाचार्या, महारानी लक्ष्मी बाई गर्ल्स इंटर कॉलेज