जैथरा (एटा)। विकासखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत खिरिया नगरशाह में करीब 42 साल पुराना एक बंबे का पुल गिर गया। गनीमत रही कि हादसा रात के समय हुआ, इससे लोग चपेट में आने से बच गए। पुल गिरने से 6 गांवों के लोगों के सामने समस्या खड़ी हो गई है।
गांव के रास्ते पर पुल का निर्माण 1980 में शुरू हुआ और 1982 में पूरा कर लिया गया। इससे पहले गांव व आसपास के लोग बंबा में भरे हुए पानी से ही निकलने को मजबूर थे। गांव वालों के अनुसार बुधवार रात करीब 3 बजे पुल से कोई भारी वाहन निकलने की आवाज सुनाई दी। उसके साथ ही एक आवाज धमाके की गूंज उठी। रात में सर्दी अधिक होने के कारण अधिकांश लोग सो रहे थे। कुछ बुजुर्ग लोग जाग रहे थे, उन्होंने आवाज सुनी।
बृहस्पतिवार सुबह के समय लोग खेतों की ओर शौच क्रिया के लिए जा रहे थे। तब उन्होंने टूटा हुआ पुल देखा। अन्य लोगों को भी सूचना दी और कुछ ही देर में वहां भीड़ जुट गई। पुल के बारे में लोगों ने लोक निर्माण विभाग को भी खबर कर दी। इस पर विभाग ने 3 श्रमिकों को भेजकर पुल का रास्ता दोनों ओर से पेड़ों की लकड़ी डालकर बंद करा दिया।
गांवों के लोगों ने बंबा की पटरी काटकर अस्थायी रास्ता बनाया। तब गांव खिरिया नगरशाह, नगला सुमिरत, तुंगलिया, नौसारा आदि गांव का रास्ता सुचारू हुआ, लेकिन यहां जैसे ही पानी बढ़ेगा तो रास्ता अवरुद्ध हो जाएगा। ऐसे में इन गांवों के लोगों को करीब 6 किमी दूर नगला बिजू के पुल से रास्ता तय करना पड़ेगा।
इस पुल के टूटने से लोक निर्माण विभाग के कार्यों की सच्चाई सामने आ गई। इसमें घटिया किस्म की निर्माण सामग्री का इस्तेमाल किया गया, जो पुल इतनी जल्दी ढह गया। बरसात के दिनों में मुसीबत होगी। -धर्मवीर सिंह राठौर, नगला सुमिरत
हमारे गांव का एक ही रास्ता था, जिसे हम लोग पुल से तय किया करते थे। अब हमारे गांव सहित 6 गांवों के लोगों के सामने संकट उत्पन्न हो गया। गनीमत यह है कि इस समय नाला में पानी नहीं है। -विक्रम सिंह राठौर, खिरिया नगरशाह
मामले की जानकारी कर जांच कराई जाएगी। लोगों को आवागमन में समस्या है तो इसकी कोई वैकल्पिक व्यवस्था कराई जाएगी। -जगमोहन गुप्ता, एसडीएम अलीगंज