एटा। शहर के एक मोहल्ले में एक किशोरी के घर में घुसकर छेड़छाड़ और पीटने की रिपोर्ट कोतवाली नगर में दर्ज कराई गई थी। विशेष न्यायाधीश रेप एंड पॉक्सो एक्ट सारिका गोयल ने शुक्रवार को मुकदमे में फैसला सुनाया। दोषी सचिन निवासी न्यू रैवाड़ी मोहल्ला कोतवाली नगर को 4 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
किशोरी की मां ने मामले की रिपोर्ट लिखाई थी। इसमें बताया था कि 8 अप्रैल 2020 को उनकी 15 वर्षीय पुत्री घर के बाहर मौजूद थी। इसी समय सचिन, जयप्रकाश, एक किशोर व दो अज्ञात लोग आए और किशोरी पर फब्तियां कसने लगे। जब उन्होंने विरोध किया तो घर में घुसकर लात-घूसों से पुत्री, उसे व उनके पति को पीटा।
पुत्री को बदनीयती से पकड़कर कपड़े फाड़ दिए और छेड़खानी की। जान से मारने की नीयत से फायर भी किए। पुलिस ने मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की। जयप्रकाश की नामजदगी को गलत बताया।
आरोपी किशोर का मामला बाल न्यायालय भेजा गया। सचिव का आरोपपत्र आने के बाद अदालत में सुनवाई शुरू हुई। दोनों पक्षों की सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने सचिन को दोषी पाया। 4 साल के कठोर कारावास सहित 17 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित करने का आदेश दिया है। इसमें से आधी धनराशि पीड़िता किशोरी को बतौर प्रतिकर दी जाएगी। अर्थदंड अदा न करने पर दोषी को तीन महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।