मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के बाहर लगी मरीजों की भीड़। संवाद
एटा। मलेरिया के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। मेडिकल कॉलेज में सोमवार को दो और स्वास्थ्य विभाग के पोर्टल पर मलेरिया पीड़ित मिले। इनको संचारी रोग वार्ड में भर्ती कर उपचार दिया जा रहा है। वहीं मेडिकल कॉलेज में 2850 मरीजों ने विभिन्न बीमारियों का उपचार लिया।
मेडिकल कॉलेज के संचारी रोग वार्ड में भर्ती हरिओम (8) निवासी गंगनपुर डाडा ने बताया कि 8 दिन से बुखार आ रहा था। गांव में ही दवा ली लेकिन कोई आराम नहीं मिला। सोमवार को मेडिकल कॉलेज में दवा लेने के लिए पहुंचे। यहां पर चिकित्सकों ने मलेरिया व डेंगू की जांच कराई जिसमें मलेरिया की पुष्टि हुई। लक्ष्मी (15) निवासी दुहाई ने बताया कि एक सप्ताह से बुखार आ रहा था। मेडिकल स्टोर से दवा ली लेकिन बुखार नहीं उतरा। सोमवार को मेडिकल कॉलेज में दवा लेने के लिए पहुंचे। यहां पर मलेरिया की जांच कराई जिसमें पुष्टि हुई।
वहीं स्वास्थ्य विभाग के यूडीएसपी पोर्टल पर मलेरिया के दो मरीज मिले। पोर्टल पर आरव पुत्र सतेंद्र (2) निवासी मजराऊ और कांशीराम पुत्र उदय सिंह (30) मलेरिया पीड़ित मिले हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम दोनों मलेरिया मरीज के गांव में पहुंचकर बीमार लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर दवाएं वितरित कर रही हैं।
वहीं मेडिसिन विभाग में सोमवार को मरीजों की लंबी कतार लगी रही। यहां पर करीब 800 मरीजों ने बुखार, सिर दर्द, पेट दर्द, उल्टी व दस्त आदि बीमारियों का उपचार लिया। इसमें 500 मरीज बुखार के थे जिन्हें परीक्षण के आधार पर दवाएं दी गईं। गंभीर मरीजों को सामान्य वार्ड में भर्ती किया गया। सामान्य वार्ड में 60 से अधिक मरीजों को भर्ती किया गया। सोमवार को मेडिकल कॉलेज में 2850 मरीजों ने विभिन्न बीमारियों को लेकर पर्चे बनवाए।
त्वचा विभाग में 800 मरीजों ने लिया उपचार
त्वचा विभाग में सोमवार को त्वचा रोगियों की सबसे अधिक भीड़ रही। त्वचा विभाग कक्ष के बाहर मरीजों की लाइन गैलरी तक पहुंच गई। महिला व पुरुष की अलग-अलग लाइन होने के बाद भी मरीजों को दो घंटे तक इंतजार करना पड़ा। डॉ. प्रीति कुशवाहा ने बताया कि ज्यादातर मरीज वायरल इंफेक्शन, खुजली, दाद, खाज और कुष्ठ रोग के आ रहे हैं। उन्हें उपचार दिया जा रहा है। सोमवार को 800 से अधिक मरीजों को उपचार दिया गया। इस दौरान चिकित्सक ने मरीजों को सलाह दी कि बारिश में भीगने से बचे और गंदे पानी से होकर न निकले। साफ-सुथरे कपड़े पहनें और शरीर की साफ-सफाई का भी ध्यान रखें।