ग्राम सचिवालयों में बांधे जा रहे पशु
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प्रदेश सरकार ने चौदहवीं वित्त योजना तहत 21 करोड़ और क्षेत्र पंचायतों के लिए 4 करोड़ रुपये की धनराशि जारी कर दी है। यही नहीं प्रधानों के खाते में दो किस्तें भेजीं जा चुकीं हैं, लेकिन अभी तक विकास कार्यों नहीं हो रहा है। वहीं, जिले की 576 में से 496 ग्राम पंचायतों ने ही प्लान प्लस साफ्टवेयर पर कार्य योजना अपलोड कराई है। जिला पंचायती राज विभाग के अफसरों ने नवंबर से ग्राम पंचायतों में विकास कार्य शुरू होने की उम्मीद जताई है।
जिले की 576 ग्राम पंचायतों में विकास कार्य के लिए धनराशि जारी कर दी गई है। इससे गावों में नाली, खड़ंजे, सीसी मार्ग जैसे विकास कार्य होंगे। पिछले दिनों जिला पंचायती राज विभाग ने ग्राम पंचायतों से कार्य योजना मांगी थी। लेकिन जिले के आठ ब्लॉक में से सात ब्लाक की 80 ग्राम पंचायतों ने अभीतक कार्ययोजना तक देना जरूरी नहीं समझा। इसके चलते उनकी कार्ययोजना प्लान प्लस सॉफ्टवेयर में अभीतक अपलोड नहीं हो पाई है। खास बात यह है कि धनराशि की दो किस्तें ग्राम पंचायतों को भेजी जा चुकीं हैं, लेकिन ज्यादातर पंचायतें आधी किस्त खर्च नहीं कर पाई हैं। बीच ग्राम पचायतों को कार्य योजना भेजने के लिए रिमांडर भेजा गया है। चौदहवें वित्त योजना के तहत 21,02, 82000 रुपये और जबकि क्षेत्र पंचायत के लिए 4,20,57000 रुपये मिले हैं।
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जिले के आठ ब्लॉक में मारहरा ब्लॉक कार्य योजना का अनुमोदन कराने में सबसे अव्वल रहा है। ब्लॉक के 59 में से सभी ग्राम पंचायतों की कार्य योजना को अनुमोदन मिल चुका है। वहंी अलीगंज ब्लॉक कार्य योजना देने में सबसे पीछे है। अलीगंज ब्लॉक की 93 ग्राम पंचायतों में अभीतक केवल 56 पंचायतों ने कार्ययोजना अपलोड कराई है। इसके अलावा जलेसर की 57 में से 47, जैथरा की 67 में से 47, अवागढ़ में 54 में से 45, शीतलपुर 83 में से 82, सकीट 92 में ये 91 और निधौली कलां में 71 में से 69 ने अभीतक कार्य योजना अपलोड कराई है।
शासन से मिली धनराशि में से दो किस्तें ग्राम पंचायतों को जारी हो चुकी हैं। दीपावली के बाद नवंबर से ग्राम पंचायतों में विकास कार्य शुरू होने की उम्मीद है। तक तब बची ग्राम पंचायतों की कार्य योजना अपलोड होकर उनका अनुमोदन भी हो जाएगा।
आरके गौतम
जिला पंचायती राज अधिकारी (कार्यवाहक)