एटा। जिला कारागार में 29 अप्रैल की रात कैदी साजिद निवासी हिंदू नगर का शव फंदे पर लटका मिला था। जिसके बाद परिजन ने हत्या का आरोप लगाया था। जेल प्रशासन की ओर से बताया गया था कि बंदी ने आत्महत्या की है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी इसकी पुष्टि हुई। हालांकि इसमें लापरवाही मानते हुए दो हेड वार्डर निलंबित किए गए हैं। एक पर विभागीय जांच कराई जा रही है।
कारागार अधीक्षक अमित चौधरी ने बताया कि लापरवाही पाए जाने पर हेड वार्डर को निलंबित किया गया है। वहीं एक के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। एक जेलर व तीन डिप्टी जेलर के बयान भी दर्ज कि गए हैं। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जांच में बैरक प्रभारी अशोक शर्मा व पाकशाला प्रभारी अरविंद पाठक की लापरवाही सामने आई है। इन दोनों को निलंबित किया गया है। वहीं हेड वार्डर दीपचंद के खिलाफ भी विभागीय जांच की जाएगी। बताया कि मंगलवार को डीआईजी जेल आरएन पांडेय ने जेल का निरीक्षण किया। उनके द्वारा एक जेलर व तीन डिप्टी जेलर के बयान लिए गए हैं।
अमित चौधरी ने कहा कि मामले की न्यायिक जांच के लिए न्यायिक मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है। वह एक माह में जांच पूरी कर मामले की रिपोर्ट देंगे। उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल प्रारंभिक जांच में जो भी तथ्य सामने आए हैं उसके आधार पर कार्रवाई की गई है। परिजन की ओर से लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं।
-
यह रही कर्मचारियों की लापरवाही
जेल अधीक्षक ने बताया कि अगर बैरक प्रभारी अशोक शर्मा सतर्क रहते तो साजिद वहां से बाहर नहीं निकलता। वहीं पाकशाला प्रभारी अरविंद पाठक अगर पाकशाला को बंद करते समय अंदर सब कुछ देखकर निकलता तो घटना नहीं होती। ऐसे में साजिद को फंदा लगाने का मौका ही नहीं मिलता।