गमीऱ्र्मी के मौसम में बढ़ने वाली मांग के लिए बिजली विभाग तैयारियों में
जुट गया है। शहरी क्षेत्र में ओवरलोडिंग रोकने के लिए 180 नए ट्रांसफार्मर
लगाए जा रहे हैं। वहीं ग्रामीण अंचल में जर्जर तार, ट्रांसफार्मर बदलने का
काम शुरू हो रहा है। ग्रामीण
बढ़ती विद्युत अव्यवस्थाओं पर जहां उपभोक्ताओं का आक्रोश बढ़ रहा है।
वहीं विभाग भी इसे लेकर गंभीर है। शहर में बढ़ने वाले लोड को लेकर विभागीय
काम तेज हो गया है। जर्जर तार बदल कर एरियल बंच केबल (एबीसी) डाली जा रही
हैं। साथ ही ओवरलोडिंग कम करने के लिए नए ट्रांसफार्मर लगाए जा रहे हैं।
शहर में 180 नए ट्रांसफार्मर लगाने के लक्ष्य के विपरीत अभी तक 120 का काम
पूरा हो चुका है। बताते चलें कि शहर में विभिन्न क्षमताओं के 345
ट्रांसफार्मर लगे हैं।
गर्मियों में बढ़ने वाले लोड को संतुलित करने
के लिए बड़ी क्षमता के ट्रांसफार्मर के साथ सौ-सौ केवीए के ट्रांसफार्मर
लगाए जा रहे हैं। ऐसे में 250 वालों को 350, 400 केवीए की क्षमता को बढ़ाकर
500 किया जा रहा है।
- राजीव चतुर्वेदी, अधिशासी अभियंता शहरी।
सैकड़ों किलोमीटर क्षेत्रफल के ग्रामीण खंड में विद्युत व्यवस्थाओं का
बुरा हाल है। झूलते तार, झुके खंभे, फुंके ट्रांसफार्मर यहां की पहचान बन
चुके हैं। आपूर्ति से ज्यादा यहां हादसों की फेहरिस्त है। आंधी तूफान तो
दूर तेज हवाओं में ही यहां की आपूर्ति बाधित हो जाती है।
ग्रामीण खंड
में हजारों किलोमीटर तक फैले तार, हजारों विद्युत खंभे आंधी तूफान तो दूर
तेज हवाओं को भी नहीं झेल पाते और धराशायी हो जाते हैं। विगत दिनों चली
हवाओं में ही दर्जनों स्थानों पर तार टूट गए। ऐसे में कई स्थानों की
आपूर्ति प्रभावित हो गई। ग्रामीण खंड में आठ हजार से अधिक ट्रांसफार्मर लगे
हैं। इनमें सैकड़ों जर्जर और खराब हैं। वहीं सैकड़ों किलोमीटर तार भी
जर्जर है।
आने वाले दिनों में सुचारु आपूर्ति के लिए तैयारियां
जारी हैं। जेई, एसडीओ से जर्जर तार, खंभे, उपकरण की सूची का प्रस्ताव विभाग
को भेज दिया है। स्वीकृति मिलते ही इन पर काम शुरू हो जाएगा। ग्रामीण खंड
में विभिन्न क्षमताओं के 8173 ट्रांसफार्मर लगे हैं।
- राजकुमार, अधिशासी अभियंता