एटा में चिकनपॉक्स से पीड़ित एक छात्र की उपचार के दौरान बिगड़ी तो परिजन मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी लाए। यहां चिकित्सक ने उसको मृत घोषित कर दिया। इकलौते बेटे की मौत के बाद घर में मातम पसर गया है। शव का पोस्टमार्टम कराए बिना ही परिजन घर ले गए और अंतिम संस्कार कर दिया।
गांव नरोरी थाना बागवाला निवासी संतोष कुमार ने बताया कि बेटा विकास (18) 12वीं कक्षा में पास होने के बाद गोलाकुआं स्थित एक संस्थान से कंप्यूटर का कोर्स कर रहा था। सोमवार को वहां से आया और बताया कि बुखार आ गया है। क्लीनिक पर दिखवाकर दवा दिलाई तो अगले दिन चिकनपॉक्स की समस्या सामने आई।
इसका उपचार कराते रहे। शुक्रवार सुबह बेटे ने शरीर में तेज दर्द की शिकायत की तो उसको लेकर एक क्लीनिक पर पहुंचे। वहां सेहत में कोई सुधार होने की बजाए हालत बिगड़ने लगी तो मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी लाए। यहां चिकित्सक ने विकास को मृत घोषित कर दिया। माता-पिता व बहन का रो-रोकर बुरा हाल है।
अब किसकी कलाई पर राखी बांधेगी रोशनी
संतोष ने बताया कि विकास इकलौता पुत्र था। उसकी मौत के बाद मां और बहन रोशनी का रो-रोकर बुरा है। मां बार-बार बेटे को याद कर बेहोश हो रही है। वहीं रोशनी एक ही सवाल दोहरा रही है कि भैया बताओ रक्षाबंधन पर किसकी कलाई पर राखी बांधूंगी। यह करुण क्रंदन सुनकर वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं।
गांव में भेजी गई टीम
सीएमओ डाॅ. राम सिंह ने बताया कि टीम भेजकर मामले की जांच कराई जाएगी। गांव में इस तरह के लक्षणों वाला कोई अन्य केस मिलता है तो उसका उपचार कराया जाएगा।