उत्तर प्रदेश के एटा जिले में एक दिन के अंदर 12 लोगों को सांप ने डसा। इस बीच सांप के काटने से एक किशोर की मौत हो गई। अन्य का अस्पताल में उपचार चल रहा है।
उत्तर प्रदेश के एटा जिले में इन दिनों धान की फसल की कटाई चल रही है। इस दौरान कटाई के काम में जुटे किसान और मजदूरों को खेतों में सांप का सामना भी करना पड़ रहा है। उन्हें डर के बीच काम करना पड़ा रहा है। बीते 24 घंटे के दौरान जिले में अलग-अलग स्थानों पर किशोरी समेत 12 लोगों को सांप ने डसा। सांप के काटने से किशोरी की मौत हो गई। सर्रदंश की इन घटनाओं में कासगंज और फिरोजाबाद के लोग भी शामिल हैं।
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थाना जैथरा के गांव नगला जवाहर निवासी शिवकुमार ने बताया कि बहन लवली (17) बृहस्पतिवार को खेत पर काम कर रही थी। इस दौरान उसे सांप ने काट लिया। जानकारी होने पर पहले परिजन इधर-उधर इलाज कराते रहे। हालत बिगड़ने पर लवली को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र जैथरा पहुंचे। यहां चिकित्सकों ने उसकी हालत को नाजुक देखते हुए मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया। परिवार के लोग उसे लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंचे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। चिकित्सकों ने लवली को मृत घोषित कर दिया। लवली की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया।
इन लोगों को भी सांप ने डसा
राहुल निवासी नगला प्रताप थाना बागवाला, धर्मेंद्र निवासी निधौली खुर्द, आर्यन निवासी मंडी समिति कोतवाली नगर, अंकित शर्मा निवासी अवागढ़, धीरेंद्र प्रताप निवासी गांव मुजफ्फरपुर हिरौंदी थाना मलावन, ज्योति निवासी नगला बुला थाना पिलुआ, बलवीर निवासी उद्दनपुर, मोहित निवासी खेरिया खुर्द, उवैद निवासी घोड़िया कलां थाना कोतवाली देहात, गिरजा निवासी मिलिक फिरोजाबाद और हरिप्रसाद निवासी पिलखुनी थाना सिढ़पुरा जिला कासगंज को भी सांप ने डस लिया। सभी को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
सांप के डसने पर घबराएं नहीं, चिकित्सक के पास जाएं
मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ. एस चंद्रा ने बताया कि अगर किसी को सांप काट ले तो घबराएं नहीं, सावधानी से काम लें। जहां सांप ने डसा है, उस हिस्से को साफ पानी से धो लें। इसके बाद ब्लेड आदि से चीरा न लगाएं। इसके अलावा उस जगह के आसपास कसकर भी न बांधें। मरीज को सबसे पहले अपने नजदीकी अस्पताल या मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचें, जिससे कि सही समय पर उपचार हो सके और जान बचाई जा सके। किसी प्रकार की झाड़-फूंक करने वाले लोगों के पास मरीज को न ले जाएं। देरी मरीज के लिए जानलेवा हो सकती है।