एटा। डेंगू और मलेरिया की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग ने अभी से तैयारियां शुरू कर दी हैं। प्रत्येक सीएचसी पर अलग से 10 बेड का डेंगू वार्ड बनाया जाएगा। इसके लिए सीएमओ डॉ. उमेश त्रिपाठी ने निर्देश जारी कर दिए हैं। साथ ही 1 अप्रैल से शुरू हो रहे संचारी रोग नियंत्रण अभियान के दौरान लोगों को स्वास्थ्य टीम मच्छरों से जनित होने वाले रोगों से बचाव के लिए जागरूक करेंगी।
बीते वर्ष जिले में डेंगू एलाइजा की जांच में 70 व्यक्तियों को डेंगू की पुष्टि हुई थी। कार्ड से जांच में प्राइवेट सहित मेडिकल कॉलेज व सीएचसी पर करीब 100 मामले सामने आए थे, लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने एलाइजा की जांच को ही सही बताया था। जबकि वर्ष 2022 में जिले में 45 डेंगू के मामले एलाइजा की जांच में आए थे। इस बार स्वास्थ्य विभाग अभी से सतर्क हो गया है। मार्च में ही सीएचसी पर मच्छररोधी दवा का छिड़काव करने के लिए दवा भेज दी गई। इसके अलावा सीएमओ ने डेंगू वार्ड अलग से खोलने के निर्देश जारी कर दिए।
स्पष्ट रूप से कहा गया कि खिड़कियों पर भी जाली लगाई जाए। जिससे मच्छर वार्ड में न पहुंच सकें। सीएमओ ने बताया कि बुखार पीड़ितों की डेंगू जांच सीएचसी पर कार्ड से की जाएगी। रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर उसका नमूना एलाइजा जांच के लिए मेडिकल कॉलेज में भेजा जाएगा। कार्ड सभी सीएचसी पर पहुंच गए हैं।
आशा बनाएंगी सूची
सीएमओ ने बताया कि संचारी रोग नियंत्रण अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम घर-घर जाएगी। आशा घर में सदस्यों का विवरण लेने के बाद बीमारी से ग्रसित कोई है या नहीं, इसकी जानकारी लेंगी। अगर बीमारी से ग्रसित कोई व्यक्ति है तो उसका पूरा विवरण भी दर्ज किया जाएगा।