एटा। मंडी समिति में गल्ला आढ़त व्यापारियों ने 11 मई तक स्वैच्छिक लॉकडाउन का फैसला लिया है। इस दौरान मंडी समिति में खरीद-फरोख्त नहीं की जाएगी। इससे यहां हर दिन होने वाले एक करोड़ रुपये के कारोबार सहित 450 श्रमिकों का रोजगार भी प्रभावित रहेगा।
जीटी रोड स्थित गल्ला मंडी में 400 से अधिक आढ़ती पंजीकृत हैं। इनके द्वारा हर दिन एक करोड़ रुपये से अधिक का व्यापार किया जाता है। शनिवार को मंडी में लगभग सभी आढ़त बंद रहीं। काम करने वाले श्रमिक पहुंचे, लेकिन सन्नाटा देख लौट गए। एक-दो स्थानों पर पल्लेदार आदि लोग आराम करते नजर आए।
450 श्रमिकों को मिलता है रोजगार
मंडी में प्रतिदिन 450 से अधिक श्रमिकों को रोजगार मिलता है। यहां मलावन, बेवर, कासगंज, मारहरा, जलेसर आदि स्थानों से श्रमिक कार्य करने आते हैं। दूर-दराज से आने वाले श्रमिक आढ़तियों की गोदाम में रुक जाते हैं।
सरकारी केंद्रों पर हुई खरीद
मंडी में गेहूं खरीद के लिए पांच क्रय केंद्र बनाए गए हैं। जहां दो केंद्रों पर किसान शनिवार को गेहूं लेकर पहुंचे। अधिकांश किसान भी लॉकडाउन के चलते गेहूं बेचने नहीं आए।
मंडी में स्वैच्छिक लॉकडाउन लगाया गया है। यहां प्रतिदिन करीब एक करोड़ रुपये का कारोबार होता है। लेकिन इस समय व्यापार से अधिक महत्वपूर्ण सुरक्षा है। - प्रतीक गुप्ता, मंडी अध्यक्ष